अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम सुरेंद्र मोहन सहाय ने पत्नी की हत्या के आरोपी पति को दोषी करार दिया है। अभियुक्त को न्यायालय ने आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगने के आदेश दिए हैं। हत्या के समय विवाहिता अपने भाई के घर में थी जबकि हत्यारा पति अलीगढ़ का रहने वाले है।
कोतवाली मुरसान में मुजीबुर्रहमान निवासी जैतपुर मुरसान ने एक तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया कि चार अगस्त 2015 को करीब तीन बजे उसकी बहन नगीना की उसके पति नियामत अली उर्फ राजुद्दीन उर्फ अमानत अली उर्फ राजू चूरनवाला पुत्र लाल मोहम्मद ने छुरा मारकर हत्या कर दी। नियामत अली जीवनगढ़ जाकिर नगर गली नंबर 12 थाना क्वार्सी अलीगढ़ का निवासी है। उसने अपनी बहन की शादी इस युवक से करीब 18 वर्ष पूर्व की थी।
हत्या से कुछ दिन पूर्व नियामत अली ने अलीगढ़ में उसकी बहन के साथ मारपीट की थी, जिसका मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। जिस समय हत्या की गई, उस समय उसके भांजे और उसने नियामत को छुरी से उसकी बहन की हत्या करते हुए देखा तो हम लोगों ने शोर मचाया। नियामत जैसे ही छुरी के साथ घर से बाहर भागने लगा, वैसे ही हम लोगों ने गांव वालों की मदद से नियामत को छुरी सहित पकड़ लिया। उसकी बहन की लाश घर में पड़ी हुई थी। गांव वालों के साथ वह नियामत अली के साथ खून से सनी हुई छुरी को अखबार में लपेटकर थाने पहुंचे। न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करने के बाद यह भी व्यवस्था दी कि अर्थदंड की आधी धनराशि वादी को मुकदमा के प्रतिकर के रूप में दी जाए।