सिकंदराराऊ पुलिस जिसे छेड़छाड़ का मामला बता कर रफा दफा करने में लगी थी, पीड़िता उसे गैंगरेप बता रही है। क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली कक्षा नौ की इस छात्रा के परिजनों ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को एसपी के पास पहुंची पीड़िता ने आपबीती बताई तो सब सन्न रह गए। परिजनों ने जिला अस्पताल में छात्रा के चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान भी हंगामा किया। इस मामले में एसपी जांच कराने की बात कह रहे हैं।
परिजनों ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि 27 मई को उनके गांव में भागवत कथा के बाद भंडारा हो रहा था। उनकी 15 साल की बेटी भंडारे में गई थी। इसके बाद वहीं से वह शौच के लिए गई। तभी उसे गांव के चार युवक जबरन नशीला पदार्थ खिलाकर खेत में ले गए। किशोरी के घर न लौटने पर परिजन उसकी तलाश करने लगे। वह उन्हें खेतों में बेहोशी की हालत में मिली। परिजनों ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज न कर महज छेड़छाड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। उन्होंने सिकंदराराऊ पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस अब पीड़िता के परिजनों पर समझौते के लिए दबाव बना रही है। परिवार के चार सदस्यों को पुलिस ने अवैध तरीके से हिरासत में ले रखा है। वह समझौता न करने पर उन्हें जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। एसपी ने सभी को निष्पक्ष कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।
इसके बाद परिजन जिला अस्पताल पहुंचे जहां पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण होना था। बड़ी संख्या में समाज के लोगों की मौजूदगी में परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। वहीं कोतवाली एसओ जगदीश चंद्र का कहना है कि पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। पुलिस जांच कर रही है। जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा।