चार जुलाई को नेहरू कॉलोनी में कपड़ा व्यापारी को गोली मारकर की गई लूट का खुलासा एसओजी और कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने शुक्रवार को कर दिया। पुलिस ने छह आरोपियों को दबोचते हुए तीन तमंचे, लूटी गई स्कूटी, थैले में रखे बहीखाते, बैंक ड्राफ्ट और दो हजार आठ सौ रुपये बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपियाें को थैले में लाखों रुपये होने की खबर मिली थी, लेकिन लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद उन्हें थैले में केवल 25 हजार रुपये ही मिले। पकड़े गए आरोपियों में लूट का मास्टरमाइंड अजीत पुत्र रामकुमार निवासी नगला अलिया, मोटर मैकेनिक पवन उर्फ पंजू पुत्र मदन पाल सिंह निवासी नगला अलिया, वीरेंद्र उर्फ भोला पुत्र कुंवर सेन निवासी बोझिया, थाना हाथरस जंक्शन, कौशल पुत्र शंकर निवासी नगला अलिया, विष्णु पुत्र बृजमोहन निवासी नयाबांस व प्रदीप पुत्र निरंजन लाल निवासी कांशीराम कॉलोनी हैं।
पुलिस को इस मामले में कुछ और आरोपियों की तलाश है। एएसपी अरविंद कुमार ने कोतवाली हाथरस गेट में खुलासा करते हुए बताया कि प्रदीप और विष्णु ने कौशल को कपड़ा व्यापारी गुरुदास मल और उनके बेटे उमेश के बारे में बताया था। बताया गया कि व्यापारी पिता-पुत्र हर रोज पंजाबी मार्केट स्थित अपनी दुकान को बंद कर बिक्री के सात से आठ लाख रुपये की रकम नेहरू कॉलोनी स्थित घर ले जाते हैं। कौशल ने यह बात अजीत को बताई। अजीत का आपराधिक इतिहास है। साल 2014 में उस पर पांच मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें से दो लूट के आरोप में दर्ज किए गए थे। अजीत ने कौशल की बात सुनने के बाद प्रदीप और विष्णु से बात की। इसके बाद लूट की योजना बनाई गई। लूट को अंजाम देने के लिए अजीत ने अपने साथी भोला और पंजू को साथ लिया।
लूट से पहले आरोपियों ने पी शराब
चार जुलाई को आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले शराब पी। इसके बाद नशे की हालत में अजीत, उसका साथी विरेंद्र उर्फ भोला और पवन उर्फ पंजू बाइक तालाब चौराहे पर गुरुदासमल के लौटने का इंतजार करने लगे। तीनों एक बाइक पर सवार थे। तालाब चौराहे पर अजीत बाइक से उतरकर पैदल चलने लगा जबकि बाकी आगे जाकर बाइक रोककर खड़े हो गए। गुरुदासमल और उनके बेटे को आते देख अजीत ने पैदल ही उनका पीछा शुरू कर दिया। कुछ दूर चलने के बाद वह बाइक से भोला और पंजू के साथ व्यापारी के पीछे चल दिया। कुछ देर बाद लेबर कॉलोनी के अंदर तिराहे पर बाइक को स्कूटी के आगे लगाकर व्यापारी को रोक दिया।
थैला अंदर होने पर लूटी थी स्कूटी
व्यापारियों को रोकने के बाद आरोपियों ने थैला छीनने की कोशिश की लेकिन थैला स्कूटी के अंदर रखा हुआ था। इससे आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गईं। व्यापारियों के विरोध करने पर अजीत ने तमंचे से फायर कर दिया। इस हमले में गोली उमेश के हाथ में लगी। दहशत में आए व्यापारियों ने स्कूटी को छोड़ दिया। अजीत स्कूटी लेकर भाग निकला। इसके बाद जब अजीत ने स्कूटी को खोलकर देखा तो उसे थैले में केवल 25 हजार रुपये मिले। यह रुपये अजीत और इसके एक साथी ने आपस में बांट लिए। बाकी साथियों को कुछ नहीं मिल सका। पुलिस इस आरोपी की तला कर रही है।
लूट के बाद मार्केट में लगा सीसीटीवी
लूट की वारदात के बाद परेशान पुलिस को पहला सुराग सीसीटीवी से ही मिला। पुलिस का तीर निशाने पर लगा और शुक्रवार को रुहेरी से अयमरपुर घना वाले रोड पर छह आरोपी मय स्कूटी के दबोचे गए। कपड़ा व्यापारी से लूट की वारदात के बाद चौकन्ने व्यापारियों ने पंजाबी मार्केट में भी सीसीटीवी कैमरा लगवाया है। व्यापारी ने घर के बाहर भी कैमरा लगवाने की बात कही है।
पुलिस टीम की सराहना
एएसपी अरविंद कुमार ने लूट की वारदात का खुलासा करने वाली एसओजी और पुलिस टीम की सराहना की है। इस टीम में कोतवाली निरीक्षक जसपाल सिंह पवार, एसआई सुधीर कुमार, एसएसआई रामवतार सिंह, घनेंद्र शर्मा, पवनेश कुमार, कमरुद्दीन, उपेंद्र, वीरेश, भूपेंद्र, गिरीश, नगेंद्र, संदीप कुमार शामिल रहे।