पूर्व केंद्रीय मंत्री रामजीलाल सुमन के सादाबाद के गांव बहरदोई स्थित पैतृक आवास में 28 दिसंबर की रात को हुई लाखों की चोरी का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पूर्व मंत्री के एक करीबी युवक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 लाख रुपये बरामद किए हैं जबकि एफआईआर में 15 लाख रुपये चोरी होने की जानकारी दी गई थी। एसपी घुले सुशील ने आठ दिन के अंदर खुलासा करने के लिए पुलिस टीम को इनाम देने का ऐलान किया है।
एसपी ने प्रेसवार्ता में बताया कि पूर्व मंत्री के करीबी युवक का उनके घर में काफी आना-जाना था। वह अक्सर घर के कई काम करता रहता था। इसी युवक ने चोरी में अहम भूमिका निभाई। पूर्व मंत्री के गांव बहरदोई के रहने वाले आरोपी हरिओम को घर के हर हिस्से की जानकारी थी। कौन सी चीज कहां रखी है, उसे सब पता रहता था।
हरिओम पुत्र वीरेंद्र सिंह की मुखबिरी पर गांव के अरविंद पुत्र रमेश चंद, अनिल कुमार पुत्र भोला, बहादुर सिंह पुत्र राजन सिंह और प्रेम चंद्र उर्फ प्रेमा पुत्र गजेंद्र सिंह निवासीगण बहरदोई ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। एसपी ने बताया कि चोरी के बाद मौके की जांच-पड़ताल में यह पता चला था कि चोरों को घर की पूरी जानकारी थी। यही वजह थी कि चोर सीधा अलमारी तक पहुंचे और कैश चोरी कर भाग निकले। इससे साफ हो गया था कि चोरी में किसी नजदीकी का हाथ है। एसपी ने बताया कि आरोपी चोरी के बाद गांव से चले गए थे।
चोरी के खुलासे के लिए टीम का गठन किया गया था। इस पुलिस टीम को बुधवार को आरोपियों के गांव में होने की जानकारी मिली थी। पुलिस ने जब आरोपियों को घेरा तो वह हनुमान मंदिर के पास बगीची में चोरी किए गए कैश को आपस में बांट रहे थे। पुलिस को देख आरोपियों ने तमंचों से फायरिंग कर दी लेकिन पूरी तरह तैयार पुलिस ने आरोपियों को मौका नहीं दिया और बाकी चार आरोपियों को धर दबोचा। प्रेमाचंद्र उर्फ प्रेमा पुत्र गजेंद्र सिंह मौके से भाग निकला।
आरोपियों के कब्जे से 18 लाख रुपये, चार तमंचे, छह कारतूस और पूर्व मंत्री रामजीलाल सुमन का लोकसभा सदस्य का परिचय पत्र भी बरामद किया है। एफआईआर में 15 लाख रुपये चोरी होने की बात कही गई थी लेकिन चोरों से 18 लाख रुपये बरामद होने पर चोरी गई रकम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए। इन सवालों के जवाब पर एसपी घुले सुशील ने कहा कि पूर्व मंत्री ने जो शिकायत की थी, उसमें लगभग 15 लाख रुपये चोरी होने की बात कही गई थी।
पूर्व मंत्री के मुताबिक रकम 15 लाख से कम या ज्यादा हो सकती थी। प्रेसवार्ता में एएसपी अरविंद कुमार, सीओ योगेश कुमार भी मौजूद रहे। खुलासा करने वाली टीम में सादाबाद एसओ केपी सिंह, एसओजी प्रभारी महेश यादव, सर्विलांस प्रभारी सुधीर कुमार, एसआई विजय सिंह, प्रदीप, धर्मेंद्र, मानवेंद्र, भूपेंद्र, नागेंद्र, संदीप, वीरेश, पुष्पेंद्र शामिल रहे।