दूध पीने के बाद पांच साल के मासूम आशु की मौत के मामले में पुलिस अभी तक खाली हाथ है। बंद पैकेट से बच्चों के गिलास तक जहर कैसे पहुंचा, यह अभी पहेली बनी हुई है। अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में होने के बाद पुलिस अभी तक महिला व उसके तीसरे पति से पूछताछ भी नहीं कर सकी है।
मोहल्ला खंदारी गढ़ी में बृहस्पतिवार देर रात दूध पीने के बाद पांच साल के आशु, उसके बड़े भाई जोऐब (6) व सौतेले पिता मोहम्मद दानिश की हालत बिगड़ गई थी। रात एक बजे तीनों को जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां आशु को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। गंभीर हालत में दोनों को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। जहर की आशंका के चलते जिला अस्पताल से पुलिस को सूचना दी गई। प्रकरण में सासनी के गांव रुदायन निवासी जाहिद ने दावा कि दोनों बच्चे उसके हैं और सात साल पहले उसने शबनम से शादी की थी।
छह महीने पहले शबनम ने उसे छोड़ दिया और मोहम्मद दानिश के साथ रहने लगी। उसने आधार कार्ड में अपना नाम काजल कर लिया और पति के नाम की जगह मोहम्मद दानिश लिखवा लिया। तब से वे लोग साथ रह रहे थे। जाहिद ने काजल पर ही जहर देने की आशंका जाहिर करते हुए पुलिस से मौखिक शिकायत की थी। शनिवार को भी उसकी तरफ से लिखित शिकायत नहीं की गई। जाहिद का आरोप है कि शुक्रवार रात जब वह मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो वहां महिला ने उससे अभद्रता भी की और धमकाया। जोएब व दानिश अब खतरे से बाहर हैं।
पोस्टमार्टम के बाद विसरा सुरक्षित किया गया है। रिपोर्ट जल्द मंगाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जांच आगे बढ़ाई जा सके। दोनों के स्वस्थ्य होने पर परिवार से भी पूछताछ की जाएगी।-हिमांशु माथुर, सीओ सिटी
एफडीए ने लिया दूध का नमूना
दूध पीने से बच्चे की मौत की जानकारी पर शनिवार को एफडीए की टीम मोहल्ला खंदारी गढ़ी पहुंची और ज्ञानदेव की दुकान से पैकेट बंद दूध का नमूना लिया। काजल ने ज्ञानदेव की ही दुकान से 10 रुपये वाला पैकेट बंद दूध लिया था। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय मनोज तोमर ने बताया कि उसी बैच के दूध पैके से नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।