हाथरस। माया टॉकीज रोड पर हाबूड़ा बस्ती को खाली कराने की कोशिश नगर पालिका प्रशासन के लिए काफी मुश्किल भरी साबित हुई। यहां जमकर बवाल हो गया। बस्ती के कुछ लोग जो मकान खाली करने को तैयार थे, उन्हें समाज के दूसरों लोगों ने जमकर लाठी-डंडों से पीट दिया। इस दौरान महिलाओं में भी जमकर मारपीट और पत्थरबाजी हुई। झगड़े में पांच लोग घायल हो गए। हैरत की बात यह है कि मारपीट होने पर नगर पालिका के अधिकारी कर्मचारी भाग खड़े हुए। पुलिस फोर्स के पहुंचने पर ही अधिकारियों ने मौके पर पहुंचने की हिम्मत जुटाई।
आश्रय योजना के तहत नगर पालिका को इस बस्ती में बने सभी 36 मकानों को तोड़कर वहां 72 नये मकान बनाए जाने हैं। यहां रहने वाले सभी परिवारों को नये मकानाें में बसाया जाएगा। हाबूड़ा समाज के कुछ परिवारों को प्रशासन के इस दावे पर भरोसा नहीं है और उन्हें लगता है कि प्रशासन मकान बनने के बाद उन्हें नये मकानों में शिफ्ट नहीं करेगा, जबकि समाज के कुछ लोग इसे सकारात्मक तरीके से ले रहे हैं। पालिका प्रशासन नये मकान बनाने के लिए पुरानी बस्ती कोे ढहाना चाहता है। कई बार समाज के लोगों को इसका अल्टीमेटम दिया जा चुका है। सोमवार को जेसीबी से मकान गिराए जाने थे। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी बालकृष्ण कुम्हेरिया और जेई केके अग्रवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों को देख समाज के लोग घरों से निकल आए। अधिकारियों से उनकी खूब नोक-झोंक हुई। इस बीच समाज के वह लोग जो मकान ढहाने के पक्ष में है, अधिकारियों के समर्थन में उतर आए। इससे विवाद बढ़ गया और हाबूड़ा समाज के लोग आपस में ही भिड़ गए। जमकर डंडे चले और पत्थर फिंके। महिलाओं ने एक-दूसरे को बाल पकड़कर दूर तक घसीटा। पालिका के अधिकारियों ने जैसे ही समाज के लोगों का उग्र रूप देखा तो वे वहां से भाग गए। हंगामे की खबर पर सदर कोतवाली का पूरा फ ोर्स मौके पर पहुंच गया। मारपीट में हाबूड़ा समाज के सलमान पुत्र इसरत, नाजनीन पुत्री भूरा, इजरायल पुत्र रियासत, नीतू पुत्री छिंका और सन्नो पुत्री छिंका घायल हो गए। सभी का जिला अस्पताल में डॉक्टरी परीक्षण और उपचार कराया गया है।
वाटर वर्क्स कॉलोनी के लोग भी विरोध मेंहाथरस। हंगामे के बाद एसडीएम सदर केहरी सिंह मौके पर पहुंचे। सोमवार को ही बस्ती के घरों को ढहाया जाना था, इसलिए महाबली को बुलाकर पूरी तैयारी कर ली गई थी। बस्ती के लोगों को रहने के लिए वाटर वर्क्स कॉलोनी का पार्क चुना गया। लोगों को यहां तंबू लगाकर तब तक रहने को कहा गया, जब तक कि मकान नहीं बन जाते। वाटर वर्क्स कॉलोनी के लोगों को जब इसका पता चला तो वह विरोध में उतर आए। उन्होंने साफ कर दिया कि किसी कीमत पर वह इन लोगों को ठिकाना नहीं देंगे। प्रशासन की मकान ढहाने की कोशिश बेकार गई। अब एसडीएम को इन लोगों के अस्थायी निवास के लिए नया ठिकाना ढूंढ़ना होगा, इसके बाद ही मकान गिराए जा सकेंगे।
बस्ती वालों को अब कॉलोनी के पास वाली जगह पर ही शरण दी जाएगी। इस जमीन को खाली कराके वहां सफाई करा दी गई है। उम्मीद है कि मंगलवार को यह लोग इस जमीन पर शिफ्ट हो जाएंगे, जिसके बाद वहां नए आवासों का काम शुरू करा दिया जाएगा।-केहरी सिंह, एसडीएम सदर