पुलिस की मौजूदगी में कब्र से बच्चे के शव को बाहर निकालते मजदूर।
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अलीगढ़/ हाथरस। अलीगढ़ की सासनी गेट पुलिस ने शुक्रवार दोपहर हीरा सिंह श्मशान में दफन बालक नकुल के शव को कब्र से बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम कराया। हालांकि पोस्टमार्टम में मौत का सही कारण पता नहीं चलने से हत्या की गुत्थी उलझ गई है। विसरा सीज कर दिया गया है, इसे जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं हर्ष की हालत में सुधार होने पर हाथरस जंक्शन पुलिस ने अलीगढ़ के निजी अस्पताल में उससे बातचीत की। इस बातचीत में हर्ष ने कुछ भी साफ नहीं किया। हाथरस गेट पुलिस ने आरोपी अंशु के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
अलीगढ़ की आगरा रोड स्थित साकेत विहार कॉलोनी निवासी संजू दो जुलाई को अपनी बीमार दादी को देखने हाथरस के गांव दरियापुर कटरा गए थे। यहां उनकी पड़ोसी अंशू से कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि अंशू ने तीन जुलाई को संजू के बेटों हर्ष (7) व नकुल (4) को को टॉफी में जहर दे दिया था। हालत बिगड़ने पर संजू ने दोनों बच्चों को अलीगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया था। यहां उपचार के दौरान नकुल की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने उसे दफना दिया था।
चिकित्सक स्पष्ट नहीं कर सके कि जहर खाने से ही बच्चों की हालत बिगड़ी है। उन्होंने फूड प्वाइजनिंग की भी आशंका जाहिर की। मौत की वजह साफ न होने के कारण सासनी गेट पुलिस और हाथरस पुलिस ने पूरा मामला अलीगढ़ के जिलाधिकारी के सामने रखा। उनकी अनुमति के बाद ही शव कब्र से निकलवाया गया और पोस्टमार्टम कराया गया।
वहीं हर्ष की हालत में सुधार होने पर शुक्रवार को हाथरस जंक्शन पुलिस ने अलीगढ़ के निजी अस्पताल में उससे बातचीत की। इस बातचीत में हर्ष ने कुछ भी साफ नहीं किया। उसने टॉफी में जहर दिए जाने की बात पर खुलकर कुछ नहीं कहा। इससे भी पुलिस की जांच को झटका लगा है। नकुल और हर्ष का उपचार करने वाले निजी चिकित्सक ने इस संबंध में पुलिस को अपनी राय देने से इंकार कर दिया है। उसने केवल इतना कहा है कि नकुल की मौत का कारण जहर हो भी सकता है और नहीं भी। दूसरी ओर, आरोपी अंशू अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। हाथरस गेट कोतवाल केपी सिंह का कहना है कि संजू की तहरीर पर आरोपी अंशू के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।