अंगना में उतरे जैसे धूप की चिड़िया, अंखियों में ऐसे खिले रूप तेरा गुड़िया,
साथी न संगी कोई, सखी न सहेली, किन संग खेलेगी तो लाडो अकेली
यही भेजूं संदेश मेरी लाडो, कि तू न आना इस देश मेरी लाडो
दिल को झकझोर देने वाली यह पंक्तियां सिकंदराराऊ में हुई घटना पर सटीक बैठती हैं। यहां बुधवार रात एक नवजात बच्ची को कूड़े के ढेर पर फेंक दिया गया। गुरुवार सुबह-सुबह लोगों ने बच्ची का शव देखा तो वह दंग रह गए। हर किसी के जुबान पर यही बात थी कि शायद इस बच्ची को लड़की होने की सजा मिली है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कस्बे में जीटी रोड पर नगर पालिका के गेट के पास सुबह करीब सात बजे सफेद कपड़े में कुछ पड़ा हुआ देखा। स्थानीय लोगों ने जब कपड़े को हटाया तो उसमें हाल ही में जन्मी बच्ची का शव था। खबर फै लते ही वहां काफी भीड़ एकत्रित हो गई। कोई कह रहा था कि यह लड़के की चाहत रखने वाले परिवार की करतूत है, तो कोई किसी दूसरे नजरिए से इसे देख रहा था। नवजात बच्ची के शव की इस तरह बेकद्री पर लोगों में गुस्सा भी नजर आया।