68 साल के बुजुर्ग के पास से नशीले पाउडर की मनगढ़ंत कहानी बनाने और उसे जेल भेजने में पुलिस की गर्दन फंसने लगी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पुलिस की इस कार्यशैली को गंभीरता से लिया है। आयोग का दो सदस्यीय जांच दल बुधवार को सासनी थाने पहुंचा। थाने से लेकर सीएचसी तक साक्ष्यों की तलाश में यह टीम जुटी रही।
मामला 16 मई 2016 का है। थाना पुलिस नानऊ रोड निवासी कन्हैया पुत्र बनवारी लाल की किसी मामले में तलाश कर रही थी। आरोप है कि कन्हैया घर पर नहीं मिला तो पुलिस उसके 68 वर्षीय पिता बनवारी लाल को पकड़ ले गई। थाने में वृद्ध चीख-चीखकर अपना गुनाह पूछता रहा और पुलिस उसका चालान तैयार करती रही।
पता चला कि पुलिस ने उस पर 100 ग्राम नशीला पाउडर बरामद होने का अभियोग दर्ज किया है। इससे बुजुर्ग बनवारी लाल को सदमा लगा। सीने में तेज दर्द उठा। इस पर उसे सीएचसी ले गए, जहां से हाथरस जिला अस्पताल फिर अलीगढ़ रेफर किया गया था। यह शिकायत मानवाधिकार आयोग में की गई थी। आयोग की टीम ने वृद्ध को गिरफ्तार करने वाले दरोगा सहित सिपाहियों से पूछताछ की।
गुरुवार को भी जांच होगी। इस संबंध में थानाध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी का कहना है कि यह मामला उनके कार्यकाल से पहले का है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। मानवाधिकार आयोग की टीम जांच करके ले गई है।