सहपऊ। कोतवाली क्षेत्र के गांव इसौंदा में एक महिला ने कुएं के पास रखी देव प्रतिमा पर गोबर और कीचड़ फेंक दिया, जिससे गांव में तनाव व्याप्त हो गया। घटना के बाद महिला अपने घर के मुख्य दरवाजे को बंद कर घर में कैद हो गई। घटना से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। काफी लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर ग्रामीणों को शांत किया और उसके बाद अपनी मौजूदगी में प्रतिमा को धुलवाकर साफ कराया। गंगाजल से पवित्र किया। गांव में बघेल समाज के लोगों ने 1955 में अपने समाज के लिए ग्राम समाज की भूमि पर प्रधान और अन्य लोगों की सहमति से पानी के लिए कुएं का निर्माण कराया था। बाद में पूर्व प्रधान ने कुएं में पानी नहीं होने पर वहां एक नल लगवा दिया था। इस भूमि के पास गांव के एक व्यक्ति का मकान था। एक पक्ष का आरोप है कि यह व्यक्ति उस भूमि पर कब्जा करना चाहते हैं। इसे लेकर कई बार झगड़ा हो चुका है। जिनका मकान है, वह उस भूमि को अपनी निजी भूमि बताते हैं। बघेल समाज के लोगों ने एक बैठक कर उस भूमि पर देव प्रतिमा स्थापित कर दी। दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। आरोप है कि इस परिवार की महिला ने वहां खूंटे गाढ़कर मवेशी बांधने शुरू कर दिए। मवेशियों के पेशाब और गोबर से वह स्थान गंदा रहने लगा एवं मकान की छत लगी रेलिंग पर मूर्ति के ऊपर ही गीले कपड़े सुखाती थी और एक जूता भी टांग रखा था, जिसका पूरा समाज विरोध करता था। बताते हैं कि एक पक्ष की महिला शनिवार की सुबह पूजा करने आई तो दूसरे पक्ष की महिला से इसे लेकर उसका विवाद हो गया। गुस्से में आकर उसने देव प्रतिमा पर भैंस का गोबर और कीचड़ फेंक दिया, जिसे देखकर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। वह सभी एकत्रित होकर आ गए। ग्रामीणों को आता देख वह महिला अपने मकान में चली गई। भीड़ का गुस्सा चरम पर था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गुस्साई भीड़ को बमुश्किल शांत किया। पुलिस ने मूर्ति के पास बंधे मवेशियों को खुलवाया और खूंटे भी उखड़वा दिए। पुलिस ने तीन ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया है। गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है।
दोनों ही परिवार हिंदू हैं। गांव में शांति है । तनाव की कोई स्थिति नहीं है। -नरेंद्र देव, सीओ सादाबाद