बेसिक शिक्षा अधिकारी रेखा सुमन ने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों से शिक्षक बनीं चार और महिला शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। बीएसए ने बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश खंड शिक्षा अधिकारी को दिए हैं, जबकि वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक को इन शिक्षकों से वसूली की कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
परिषदीय विद्यालयों में समायोजन के बाद शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बनने वाले सभी शिक्षकों का विभाग ने सत्यापन कराया था। सत्यापनों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ रही है। लगातार फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों से शिक्षक बनने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के बोर्ड से प्राप्त सत्यापन में गीता शर्मा निवासी नीतिवास प्राथमिक विद्यालय नगला गूलर सादाबाद में शिक्षामित्र चुनी गईं, जिसका समायोजन नीति वास सादाबाद में सहायक अध्यापक के रूप में हुआ। सत्यापन में खुलासा हुआ कि शिक्षामित्र ने हाईस्कूल फेल की जगह हाईस्कूल पास का शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर विभाग में नौकरी पाई थी।
गुकलेश कुमारी निवासी नगला शीशराम पुवेना हाथरस में शिक्षामित्र के पद भोपतपुर में नियुक्त हुईं। समायोजन के बाद उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर हाथरस ब्लॉक के गांव मिर्जापुर में तैनाती दी गई। इसके हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के शैक्षिक प्रमाण पत्रों में जन्म तिथि एवं प्राप्तांक भिन्न पाए गए। अंजू कुमारी निवासी मोनिया मढ़नई ब्लॉक सादाबाद की नियुक्ति शिक्षामित्र के पद पर प्राथमिक विद्यालय में हुई। समायोजन के बाद सहायक अध्यापक के रूप में चमरपुरा सादाबाद में उन्हें तैनाती दी गई।
उनके इंटरमीडिएट के प्राप्तांक और श्रेणी भिन्नता पाई गई। रेखा चौधरी निवासी लौकेरा ब्लॉक सादाबाद की शिक्षामित्र के पद पर प्राथमिक विद्यालय लौकेरा में हुई। समायोजन के बाद भी इसी विद्यालय में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्ति मिली। इनके इंटरमीडिएट के अंक पत्र में प्राप्तांक और श्रेणी भिन्न पाई गई, जिससे इन सभी के कूटरचित शैक्षिक प्रमाण पत्र होने के कारण सभी को बर्खास्त कर दिया गया।