नवीपुर कला में मंगलवार सुबह आतिशबाजी बनाने के दौरान हुए धमाकों के बाद पुलिस प्रशासन जाग उठा है। अब प्रशासन आबादी वाले क्षेत्र में आतिशबाजी बनाने वालों के लाइसेंस बंद करने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा नवीपुर में हुए धमाकों की जांच डीएम ने एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह और सीओ सिटी सुमन कनौजिया को सौंप दी है।
एसडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि शहरभर में लाइसेंस लेकर पटाखा बनाने वालों की सूची तैयार कराई जा रही है। यह पता किया जा रहा है कि लाइसेंसधारकों की दुकान या गोदाम आबादी क्षेत्र में तो नहीं आ गए, इसलिए दुकान, गोदाम की चौहद्दी देखने के बाद ही अब आगे लाइसेंस के नवीनीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने बताया कि कई लाइसेंस सालों पुराने हैं। उस समय शहर के कई इलाके आबादी से बाहर थे। समय बीतने पर यह क्षेत्र आबादी से घिरते चले गए। अब इस तरह के सभी मामलों की जांच की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि नवीपुर कला में अपने घर में आतिशबाजी बना रहे जवाहर ने 31 साल पहले 1987 में लाइसेंस लिया था। उस समय जिला अलीगढ़ था और नवीपुर कला आबादी क्षेत्र से बाहर था। नियमानुसार तीन साल लाइसेंस के नवीनीकरण का प्रावधान है। जवाहर ने अपने लाइसेंस का कई बार नवीनीकरण कराया।
कुछ साल पहले जब अधिकारियों ने नवीपुर कला को आबादी क्षेत्र में बताकर लाइसेंस रद किए जाने की बात कही तो जवाहर ने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया। हादसे के बाद गंभीर रूप से जख्मी हुए जवाहर का इलाज अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। उसकी हालत अभी नाजुक है। पुलिस ने जवाहर और उसकी मां के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल जसपाल सिंह पंवार के मुताबिक मामले की जांच के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।