रोडवेज के फर्जी टिकट के मामले में एसटींएफ द्वारा पकड़े जाने क बाद निलंबित हुए कर्मचारियों के खिलाफ अब आरोप पत्र तैयार किया जा रहा है। जल्द ही यह आरोप पत्र उन्हें सौंप दिया जाएगा। इधर, अब अधिकारियों की निगाहें विभागीय जांच टीम की रिपोर्ट पर हैं। पूरे प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा लगातार जांच टीम और अन्य उच्चाधिकारियों को महत्वपूर्ण सबूत उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि रोडवेज में पिछले दिनों एक बड़े रैकेट को एसटीएफ ने पकड़ा था। यह रैकेट फर्जी टिकट बनाता था और रोजाना करीब पांच लाख की चपत रोडवेज को लगाता था। एसटीएफ ने 11 लोगों को पकड़ा था। इस गैंग का सरगना हाथरस डिपो का परिचालक देवेंद्र और मास्टर माइंड बुकिंग क्लर्क मेघ सिंह था। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद विभाग में खलबली मच गई थी। यहां भी एआरएम ने संदेह के आधार पर 16 कर्मियों को बर्खास्त कर दिया था।
चूंकि सरगना और मास्टरमाइंड परमानेंट कर्मचारी थे, इसलिए इन्हें निलंबित कर दिया गया था। अब इनके खिलाफ आरोप निर्धारित कर आरोपपत्र तैयार कराया जा रहा है, जिससे इनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हो सके।
यहां दो दिन पहले रोडवेज की विभागीय जांच टीम लखनऊ से आई थी। कई घंटे की जांच-पड़ताल के बाद टीम कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में कर ले गई थी। टीम ने मथुरा, अलीगढ़ में भी जांच की थी। अब विभागीय अधिकारियों की निगाहें टीम की जांच रिपोर्ट पर हैं। अधिकारियों को भय सता रहा है कि जांच की आंच उन पर आएगी और उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इधर, एआरएम जीएस शर्मा का कहना है कि निलंबित कर्मियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कराया जा रहा है। इन्हें जल्द ही आरोप पत्र सौंपा जाएगा।