हाथरस। पुलिस ने खुलासा किया कि गांव सोखना के मुकेश कुमार पुत्र तुलाराम की हत्या की साजिश उसी के बड़े भाई प्रवीन और दोस्त हरीश के साथ मिलकर रची थी। इसकी वजह यह थी कि मुकेश की बुरी नजर भाई प्रवीन की पत्नी पर थी। इसके अलावा मुकेश एक रिश्तेदार की पत्नी से शादी कर ली थी। इससे प्रवीन उससे नाराज था। वहीं हरीश इस वारदात में इसलिए शामिल हुआ क्योंकि वह मुकेश को रास्ते से हटाकर उसकी पत्नी के करीब आना चाहता था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड से पर्दा हटाने का दावा किया है।
एएसपी अरविंद कुमार ने हाथरस गेट कोतवाली में पत्रकारों को बताया कि प्रवीन ने भाई मुकेश कुमार को रास्ते से हटाने के लिए हरीश को 90 हजार रुपये की सुपारी दी थी। दूसरी ओर हरीश को लगता था कि मुकेश के मरने के बाद उसकी पत्नी को प्रेमजाल में फंसाना आसान होगा। मुकेश ने अपने सबसे बड़े भाई की सलहज से शादी कर उसे अपने साथ रख लिया था। यह बात भी प्रवीन को रास नहीं आई थी। मुकेश दिल्ली में काम करता था। इस बार जब मुकेश फरवरी माह में भतीजी की शादी पर घर आया तो प्रवीन ने होली पर उसकी हत्या की योजना बनाई।
तय योजना के मुताबिक प्रवीन ने मुकेश को दिल्ली नहीं जाने दिया और होली तक रोककर रखा। दो मार्च को होली के दिन हरीश मुकेश को घर से ले गया। हरीश मुकेश को घर से दूर नहर किनारे ले गया और जमकर शराब पिलाई। इसके बाद हरीश ने अपने भाई मुकेश पुत्र जयपाल निवासी रमनगला को मौके पर बुलाया और उसके साथ मिलकर मुकेश कुमार की कनपटी पर तमंचे से गोली मारकर हत्या कर दी। उसका शव बुधवार सुबह जलालपुर और बाघऊ के बीच नहर की पुलिया के नीचे पड़ा मिला था।
एएसपी ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार शाम करीब सवा चार बजे हरीश को उसके गांव से दबोच लिया। पूछताछ में हरीश से मिली जानकारी के बाद इसी रात करीब दस बजे पुलिस ने प्रवीन को भी घर से गिरफ्तार कर लिया। हरीश की निशानदेही पर पुलिस ने उस तमंचे को भी बरामद कर लिया है जिससे हत्या की गई थी। खुलासा करने वाली टीम में एसएचओ अनिल कुमार सिंह, निरीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह, बनवारी लाल, पंकज कुमार, योगेश कुमार आदि शामिल रहे।