कोतवाली में एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में हुआ लिखित समझौता
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सासनी। ईद की नमाज अदा करने को लेकर शनिवार को कस्बा में मुस्लिम समाज के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। शिया और सुन्नी समुदाय के लोग अलग-अलग जगहों पर नमाज अदा करने पर अड़ गए। सुन्नी बरेलवी समुदाय के लोग नूरी मस्जिद के इमाम से और शिया देवबंदी पक्ष के लोग जामा मस्जिद के इमाम से नमाज अदा कराने की मांग करने लगे। विवाद की सूचना पर एसडीएम सासनी एनपी पांडेय एवं सीओ सासनी सुधीर कुमार त्यागी मौके पर पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर आपसी सहमति के आधार पर विवाद का निपटारा कराया।
शिया देवबंदी पक्ष के लोगों का कहना था कि पूर्वजों के समय से जामा मस्जिद के इमाम ही ईद की नमाज अदा कराते आए हैं, इसलिए ईदगाह पर ईद की नमाज जामा मस्जिद के इमाम से ही अदा कराई जाए, जबकि सुन्नी बरेलवी पक्ष के लोगों का कहना था कि पिछले दो साल से नूरी मस्जिद के इमाम ने ईद की नमाज अदा कराई है। इस कारण इदगाह पर ईद की नमाज नूरी मस्जिद के इमाम से ही अदा कराई जाए। घंटों हुई जद्दोजहद के बाद दोनों पक्षों में इस बात पर सहमति बनी कि वक्फ बोर्ड द्वारा मुतवल्ली सदर तय होने तक ईदगाह में नमाज सुन्नी बरेलवी/नूरी मस्जिद के इमाम ही अदा कराएंगे, लेकिन मुजाहिद रजा की बजाय बतौर नूरी मस्जिद के इमाम किसी और इमाम से नमाज अदा कराई जाए। लिखित समझौते के बाद ही प्रशासनिक अधिकारियों ने चैन की सांस ली। बैठक में हनीफ संदली, कल्लू मास्टर, जवाहर खां, नवाब खां, शेर खां, राजू खां, मुन्ना खां, आजाद खां समेत काफी लोग मौजूद थे।
दोनों पक्षों ने सहमति से तय कर लिया है कि वक्फ बोर्ड द्वारा मुतवल्ली का निर्णय होने तक नूरी मस्जिद के इमाम ही नमाज अदा कराएंगे, लेकिन नूरी मस्जिद को मुजाहिद रजा की जगह दूसरा इमाम नियुक्त करना होगा।
-एनपी पांडेय, एसडीएम सासनी