दुष्कर्म पीड़िता के अपने ढाई महीने के बीमार बच्चे के साथ अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज से लापता होने की खबर से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ गए। डीएम के आदेश पर आनन-फानन में सदर कोतवाली पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची और पीड़िता को ढूंढ निकाला।
सदर कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली मानसिक रूप से कमजोर किशोरी के साथ उसके ही पड़ोस में रहने वाले विवाहित आरोपी ने कई महीने तक दुष्कर्म किया। किशोरी को छह महीने का गर्भ होने पर परिजनों को इसका पता चला। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। साढ़े तीन महीने से ज्यादा का गर्भ होने के कारण पीड़िता को गर्भपात की मंजूरी नहीं दी गई। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के एक महीने बाद पीड़िता ने सात महीने के अपरिपक्व शिशु को जन्म दिया।
जन्म के बाद से ही नवजात की हालत बिगड़ने लगी। आर्थिक रूप से बेहद कमजोर पीड़िता और उसके परिजनों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाकर बच्चे की देखभाल करने में असमर्थता जताई और आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग की। पीड़िता के परिजनों ने अधिकारियों से शिशु को किसी नि:संतान दंपती को गोद दिलाने का भी आग्रह किया। हाल ही में जब मौसम ज्यादा सर्द हुआ तो ढाई महीने के मासूम की हालत बिगड़ गई।
डीएम अमित कुमार सिंह ने जानकारी होने पर बच्चे को शहर के एक बाल रोग विशेषज्ञ को दिखवाया और सीएमओ को उचित उपचार के आदेश दिए। बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल से अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाने के बाद पीड़िता की मदद करना अधिकारी भूल गए। इस मामले में अधिकारियों और पीड़िता के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रही एक समाजसेवी ने शनिवार रात को डीएम को पीड़िता के बच्चे सहित मेडिकल कॉलेज से लापता होने की जानकारी दी।
अनहोनी की आशंका से अधिकारियों के होश उड़ गए। सदर कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई जगवीर सिंह को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा। वहीं लाला के नगला चौकी इंचार्ज वेदपाल ने भी एएमयू में पढ़ रहे अपने बेटे को मेडिकल कॉलेज भेजकर पीड़िता की मदद की कोशिश शुरू कर दी। मेडिकल कॉलेज पहुंचे जगवीर सिंह ने वार्ड नंबर 16 में भर्ती पीड़िता के बच्चे को खेाज निकाला और उसे गर्म कंबल दिया। इसके अलावा बच्चे को भी पुलिस ने गर्म कपड़े दिलाए।
एसआई जगवीर सिंह ने कोतवाल जसपाल सिंह पंवार के आदेश पर पीड़िता को कुछ आर्थिक मदद भी दी। कोतवाल जसपाल सिंह पंवार का कहना है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन से बच्चे के ठीक होने पर उसे छुट्टी देने से पहले हाथरस पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करने के लिए कहा गया है। बच्चे के ठीक होने पर पीड़िता और बच्चे को सकुशल यहां लाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।