पुलिस ने 12 जुलाई की रात को कैलाश मंदिर के पास सराफ सोनू वर्मा से हुई लूट का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद धोनी गैंग का एक सदस्य दबोच लिया है, जबकि धोनी और उसके दो साथी भाग जाने में कामयाब रहे। करीब एक साल बाद जिले में धोनी गैंग फिर से सक्रिय हो गया है।
एक साल पहले तत्कालीन एसपी अजयपाल शर्मा के समय में धोनी और उसके साथी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया था। इस दौरान धोनी और उसके साथी गोली लगने से घायल भी हुए थे। आरोपी तभी से जेल में थे और एक महीने पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आए हैं।
एएसपी अरविंद कुमार ने लूट का खुलासा करते हुए बताया कि रविवार रात करीब नौ बजे एसओजी और कोतवाली हाथरस गेट पुलिस को आरोपियों के नगला सिंगी में नहर के पास होने की सूचना मिली। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने अलीगढ़ के थाना विजयगढ़ क्षेत्र के गांव कठेरा निवासी कन्हैया पुत्र नरेंद्र सिंह को धर दबोचा।
जबकि गैंग का मास्टरमाइंड रीतेश उर्फ धोनी पुत्र चंद्रपाल निवासी निनामई, सासनी, सतीश पुत्र हुकुम सिंह व नीरज निवासीगण नवीपुर भाग निकले। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी कन्हैया के पास से एक तमंचा, एक कारतूस, लूटी गई रकम के दस हजार रुपये, एक जोड़ी पायजेब, दो अंगूठी, चार बिछुए, एक चेन, एक कौंधनी, एक कमर का छब्बा, एक मंगलसूत्र, चार चांदी के सिक्के बरामद किए हैं। कन्हैया के विरुद्ध हत्या, लूट, गैंगस्टर जैसे संगीन मामलों के 13 मुकदमे दर्ज हैं। एएसपी ने लूट का खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये का इनाम देने का ऐलान किया गया है। टीम में एसओजी प्रभारी महेश यादव, एसआई सुधीर राघव, कमरुद्दीन, वीरेश, उपेंद्र, गिरीश चंद्र, भूपेंद्र, संदीप, नागेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। वहीं कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक जेएस पंवार, एसआई घनेंद्र शर्मा, एचसीपी जुगेंद्र सिंह व अफसर खां का भी सहयोग रहा।
गौरतलब है कि 12 जुलाई की रात को दो बाइकों पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने सोनू सराफ निवासी माधवकुंज कॉलोनी को उस समय लूट लिया था, जब वह दुकान बंद कर जा रहे थे। बदमाश सोनू के पास से नकदी और लाखों के जेवरों से भरा थैला लूट ले गए थे। थैले में करीब साढ़े 85 हजार रुपये नकद और साढ़े तीन लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बताए गए थे।