कोतवाली में गुरुवार को अदालत के आदेश पर एक शख्स ने कई लोगों के खिलाफ अपनी पुत्री की हत्या कर लाश को सबूत मिटाने के उद्देश्य से खुर्द-बुर्द करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। लेकिन गुरुवार को उसकी पुत्री कोतवाली पहुंच गई और उसने पुलिस को बताया कि वह जिंदा है। यह देखकर वहां मौजूद पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए। पुलिस अब मृत दर्शाई गई इस महिला को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली के गांव बावस निवासी सत्यदेव पुत्र भीकम सिंह ने अदालत के आदेश से दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि उनकी बेटी रिंकी को 2014 में गांव का ही कुलदीप पुत्र राजवीर बहला-फुसलाकर ले गया। इसको लेकर कुलदीप के खिलाफ धारा 363/366 के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। पुलिस ने 2015 में रिंकी को बरामद कर लिया और अदालत में पेश किया। अदालत में रिंकी ने कुलदीप के पक्ष में बयान दिए। इसके आधार पर अदालत ने रिंकी को स्वतंत्र रहने के आदेश दिए। इसके पश्चात रिंकी, कुलदीप के साथ रहने लगी।
गांव में एक वर्ष रहने के पश्चात रिंकी, कुलदीप के साथ दिल्ली चली गई तथा वहीं रहने लगी। कुछ दिन पूर्व कुलदीप और उसका पिता राजवीर गांव आ गए, लेकिन रिंकी उनके साथ नहीं थी। सत्यदेव ने कुलदीप से रिंकी के विषय में पूछा तो उसने कहा कि हमें नहीं पता वह कहां है। इस पर सत्यदेव को शक हुआ कि रिंकी को मारकर लाश गायब कर दी गई है।
कोतवाली में हमारी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। रिंकी की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अदालत ने आदेश कर दिए। गुरुवार को पुलिस ने रिंकी की हत्या की रिपोर्ट कुलदीप पुत्र राजवीर, राजवीर पुत्र पनीलाल, सरोज देवी पत्नी राजवीर, प्रदीप पुत्र राजवीर निवासी के खिलाफ 302 और 201 के तहत दर्ज कर ली। लेकिन स्थिति उस समय अजीब-ओ-गरीब बन गइ्र, जब मृत दर्शायी गई रिंकी अपने साथ आठ माह के बच्चे को लेकर कोतवाली आ गई और शोर मचाने लगी कि वह तो जिंदा है। यह सुनकर पुलिस कर्मी हैरान रह गए। कोतवाल मनोज शर्मा का कहना था कि रिंकी जिंदा है। चूंकि हत्या का मामला दर्ज हो चुका है, इसलिए उसे अदालत में पेश किया जाएगा।