हाथरस। यहां क्राइम ब्रांच में दरोगा रहे एक पुलिसकर्मी पर रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। दरोगा ने अलीगढ़ से यहां ट्रांसफर किए गए धोखाधड़ी के एक मामले में प्रतिवादी को फायदा पहुंचाने के लिए उससे रिश्वत ले ली। इस दरोगा का ट्रांसफर हो चुका है। पीड़ित ने डीआईजी से शिकायत कर मामले की जांच कराने की बात कही है। एसपी अजयपाल का कहना है कि आरोप गंभीर है। जांच के बाद आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। वहीं आरोपी दरोगा का कहना है कि सभी आरोप निराधार हैं और साजिशन लगाए गए हैं।
प्रेमचंद्र शर्मा निवासी बन्नादेवी, अलीगढ़ ने अपनी शिकायत में कहा है कि बीते साल उसने अलीगढ़ में धोखाधड़ी के मामले शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले को यहां ट्रांसफर कर विवेचना क्राइम ब्रांच को दी गई थी। एक एसआई इस मामले की विवेचना कर रहे थे। उनका ट्रांसफर हो गया। 20 जून को प्रेमचंद्र शर्मा केस के संबंध में एसआई से मिलने जब क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंचे तो आरोपी दरोगा के साथी पुलिसकर्मी ने उन्हें प्रतिवादी समझकर पांच हजार रुपये लौटा दिए और कहा कि शेष राशि दरोगा ही देंगे।
आरोप है कि दरोगा ने प्रतिवादी से साठगांठ कर केस को खत्म करने के लिए पैसा लिया था। केस खत्म नहीं होने की स्थिति में कुछ रकम प्रतिवादी को लौटानी थी। नई तैनाती पर जाने से पहले वह रुपये साथी पुलिसकर्मी को दे गए थे। साथी पुलिसकर्मी ने वादी को प्रतिवादी समझकर पांच हजार रुपये लौटा दिए और बाकी रकम बाद में दरोगा से लेने को कहा। प्रेमचंद्र का कहना है कि उन्होंने जिले के आला पुलिस अधिकारियों से इस मामले की शिकायत की थी।
पुलिस अधिकारियों ने क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर को तलब कर इस मामले में पूछताछ भी की है। जिस पुलिसकर्मी ने पांच हजार रुपये प्रेमचंद्र को दिए हैं, उसने यह रकम लौटाने की बात भी अधिकारियों के समक्ष स्वीकार कर ली है। एसपी अजयपाल का कहना है कि इस मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जा सकेगी।