सीजेएम कोर्ट ने सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश थाना हाथरस गेट पुलिस को दिया है। चतुर्भुज गुप्ता उर्फ चतुरा ने विधायक पर पांच लाख रुपये की चौथ मांगने, चौथ नहीं देने पर उसे घर बुलाकर धमकाने और पुलिस से मिलकर छापा पड़वाने का आरोप लगाया है। गुप्ता ने हाथरस गेट थाने में तैनात एक दरोगा और 20 से 25 पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।
गुप्ता ने कहा है कि मुझ पर सट्टे की खाईबाड़ी का आरोप लगाते हुए चौथ मांगी गई, जबकि वह गेस्ट हाउस और कोल्ड ड्रिंक की एजेंसी का काम करता है। कारोबारी के मुताबिक विधायक ने उन्हें एक व्यक्ति के माध्यम से पांच लाख रुपये लेकर घर बुलवाया था। वहां मुझे डराया-धमकाया गया।
किसी तरह वह हाथ-पैर जोड़कर लौट सका। गुप्ता का कहना है कि इसके बाद पुलिस ने बिना सर्च वारंट के उसके घर में छापेमारी की और सीसीटीवी, बिल बुक, मोबाइल आदि से छेड़छाड़ की। पत्नी से अभद्रता की गई। गुप्ता का कहना है कि इस संबंध में उसने प्रदेश और जोन के आला पुलिस अधिकारियों को इस बारे में शिकायत की, लेकिन कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसे कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
प्रशासन चाहे तो मेरी किसी भी तरह की जांच करा सकता है। अगर कोई मेरे घर आया है तो घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराके इसका पता लगाया जा सकता है। किसी से चौथ मांगने का प्रशभन ही नहीं है। चतुरा सट्टे की खाईबाड़ी करता है। कुछ समय पहले डीआईजी से मैंने इसकी शिकायत क थी। चतुरा को बसपा नेताओं की शह मिली हुई है। बसपा शासन में भी यह सट्टे का काम करता था। सपा सरकार में पुलिस उसके गोरखधंधे पर नकेल कस रही है। यह उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा। वह एक विरोधी दल के नेता के इशारे पर मुझ पर अनर्गल आरोप लगाकर मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
--देवेंद्र अग्रवाल, सपा विधायक---