अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने हत्या कर शव छिपाने और एससीएसटी एक्ट के एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने तीनों धाराओं में अभियुक्त को सश्रम आजीवन कारावास एवं 1.03 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भोगना होगा। न्यायालय ने अपने फैसले में कहा है कि पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी और अर्थदंड का 70 प्रतिशत प्रतिकर के रूप में मृतक के परिजनों को दिया जाएगा।
हत्या के इस मामले में सुनहरीलाल निवासी मोहल्ला मंदिर वाला ने सादाबाद कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, जिसमें कहा गया है उसके पुत्र शशि कपूर को 9 जनवरी 2016 को उसकी दुकान से शाम छह बजे विपिन पुत्र बनवारीलाल पचौरी निवासी भगवती नगर सादाबाद अपने घर बुला लाया था, लेकिन वह लौटकर घर नहीं आया।
विपिन कुमार के पिता बनवारीलाल ने अपने रिश्तेदार राजेंद्र प्रसाद शर्मा, रविधेश का छोटा भाई निवासी आनंद नगर कस्बा सादाबाद के साथ मिलकर षड्यंत्र के तहत उसके पुत्र की हत्या कर दी और शव को हुसैनी रजवाहा के पास डाल दिया। पुलिस ने इस मामले में बनवारीलाल, उनकी पत्नी नीलम, पुत्री बबली और उसके नाबालिग भाई विपिन कुमार के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
इसमें बबली के पिता बनवारीलाल और मां नीलम को न्यायालय से पहले ही उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि भाई विपिन कुमार के बाल अपराधी होने के कारण उसका वाद किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। बबली के गवाही के दौरान फरार होने के कारण उसको पूर्व में सजा नहीं सुनाई जा सकी। उसके न्यायालय में उपस्थित होने के बाद गुरुवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद निर्णय दिया गया है। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय ने की।