पुष्पेंद्र हत्याकांड में आरोपी पूर्व सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए अलीगढ़ पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद आरोपियों के पास सरेंडर के सिवाय कोई चारा नहीं बचा है। पुलिस की पूरी कोशिश सरेंडर से पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की है। इसके लिए कई टीमों को गठित कर सादा कपड़ों में कोर्ट परिसर में तैनात कर दिया गया है।
पुलिस को पिछले कई दिन से हत्याकांड में फरार चल रहे पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, उनके भाई राकेश अग्रवाल, भतीजे अतुल, बेटे चंदन और पीआरओ दीप वार्ष्णेय के अलावा विवेचना में सामने आए अभियुक्तों के सरेंडर करने की आशंका बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के शनिवार को सरेंडर करने की पूरी आशंका थी। कोर्ट परिसर में बगैर वर्दी में पुलिस तैनात कर दी गई थी। सोमवार को भी कोतवाली पुलिस के अलावा अलीगढ़ पुलिस की टीमें कोर्ट में सरेंडर को लेकर अलर्ट रहीं। हालांकि कानून के जानकारों का कहना है कि अगर आरोपियों के खिलाफ दूसरे जिले की कोर्ट में कोई गंभीर मामला विचाराधीन है तो आरोपी उस अदालत में भी सरेंडर कर सकते हैं।
मामले की विवेचना कर रहे सीओ इगलास पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि उनकी अभी तक की जानकारी में आरोपियाें के दूसरे जिले में चल रहे किसी अन्य केस में अभियुक्त नहीं होने की बात ही सामने आई है। सीओ ने कहा कि कई टीमों को लगाया गया है। सरेंडर से पहले ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कि जाएगी। अगर आरोपियों ने अति शीघ्र सरेंडर नहीं किया तो कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मालूम हो आठ फरवरी को चुनाव से ठीक पहले बसपा समर्थक पुष्पेंद्र शर्मा की मानिकपुर में हुए खूनी संघर्ष में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुष्पेंद्र के पिता रामहरि की शिकायत पर पुलिस ने पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल समेत कई लोगों के विरुद्ध हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।