हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव महौ में तीन साल पहले तीन जनवरी 2015 को नौ वर्षीय मासूम अजय के अपहरण की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। हालांकि पुलिस इस मामले में पहले साक्ष्य न मिलने पर हथियार डाल चुकी थी लेकिन हाईकोर्ट के मामले की दोबारा तफ्तीश के आदेश के बाद जब पुलिस जांच में जुटी और सालों से अनसुलझा केस चंद दिनों में खुलता चला गया।
पुलिस के मुताबिक अजय का अपहरण उसके चाचाओं और फुफेरे भाई ने जमीन हड़पने के लिए किया था। फिरौती न मिलने पर 14 दिन बाद अजय की हत्या कर शव को कासगंज के पास एक नहर में फेंक दिया गया था।
हाथरस जंक्शन थानाध्यक्ष मोहम्मद असलम के मुताबिक अजय के पिता भगवान सिंह और उनके चचेरे भाईयों के बीच 32 बीघा जमीन के बंटवारे को लेकर अनबन थी। भगवान सिंह के चचेरे भाई राजू पुत्र विजय सिंह, गुलाब सिंह और इनके भांजे राजू पुत्र तेजपाल निवासी थाना ढोलना, कासगंज ने भगवान सिंह के इकलौटे बेटे अजय की हत्या की योजना बनाई। इस योजना में सोरों निवासी रन्नो भी शामिल था। हत्यारोपियों ने सोचा कि अगर भगवान सिंह के बेटे अजय की हत्या कर दी जाएगी तो उसका वंश खत्म हो जाएगा।
इससे उसके हिस्से की जमीन उन्हें मिल जाएगी। योजना के मुताबिक आरोपियों ने तीन जनवरी 2015 को घर के बाहर खेल रहे अजय का अपहरण कर लिया। हत्यारोपी अजय के बदले भगवान सिंह से फोन पर 25 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे थे।
बेहद चालाकी से फिरौती के लिए फोन किए गए। पुलिस ने फोन नंबरों को ट्रेस किया तो पता चला कि फर्जी आईडी के जरिए यह कॉल किए गए। कुछ दिन बाद फोन आना बंद हो गए। पुलिस ने फर्जी आईडी पर उक्त नंबर की सिम बेचने वाले एक विक्रेता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया और अजय के अपहरण की गुत्थी अनसुलझी रह गई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हाथरस जंक्शन पुलिस ने जब दोबारा जांच शुरू की तो एसपी ने अजय के बारे में उचित सूचना देने वाले को इनाम देने का ऐलान किया। पुलिस को कुछ लोगों ने अजय की हत्या के बारे में बेहद अहम और गोपनीय जानकारी उपलब्ध कराई। पुलिस ने जब उस दिशा में मामले की जांच की तो पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।
इस मामले में पुलिस ने बुधवार को मुख्य आरोपी राजू पुत्र तेजपाल निवासी थाना ढोलना, कासगंज की गिरफ्तारी की। एसओ हाथरस जंक्शन मोहम्मद असलम ने बताया कि दूसरा आरोपी भगवान सिंह का चचेरा भाई राजू पुत्र विजय सिंह एक मामले में पहले ही जेल में है। वहीं बाकी आरोपियों की तलाश भी तेजी से की जा रही है। जांच में कुछ और आरोपियों के नाम सामने आ सकते हैं।