सादाबाद में अंबेडकर शोभायात्रा में विवादित पोस्टर प्रकरण को लेकर एसपी से मिलने जाते भाजपाई।
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हाथरस। सादाबाद में अंबेडकर शोभायात्रा में विवादित पोस्टर को लेकर भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा से मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने कहा कि इस पोस्टर से समाज में घृणा, द्वेष फैलाने की कोशिश की गई। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है। भाजपाइयों ने इस मामले में नामजद आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की।
भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार ने कहा कि अंबेडकर शोभायात्रा में शामिल पोस्टर अशोभनीय और विकृत था। इसमें बसपा सुप्रीमो को काली के रूप में और भाजपा नेताओं को असुरों के रूप में दिखाया गया था। उन्होंने कहा कि यह पोस्टर दूषित मानसिकता को प्रकट करता है और बाबा साहब की सामाजिक समरसता की अवधारणा के विपरीत भी है। एसपी से मिलने वालों में डॉ. चंद्रशेखर रावल, दिलीप पोद्दार, हरीशंकर माहौर, सत्यपाल सिंह मदनावत, संजय सक्सेना, सुनीता मिश्रा, गौरव आर्य, सुनीत आर्य, मोहन दीक्षित, वंशी पंडित, अखिलेश गुप्ता आदि शामिल रहे।
दलित नेताओं ने भी एसपी के सामने रखा पक्ष
हाथरस। विजय सिंह प्रेमी के नेतृत्व में कई दलित नेताओं ने एसपी से मुलाकात कर पोस्टर विवाद में आयोजक बृजमोहन लेखक और ध्रुव सिंह कर्दम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने को गलत ठहराया। उन्होंने निंदा करते हुए कहा कि पोस्टर को शोभायात्रा में शामिल होने से पहले ही हटा दिया गया था, इसके बाद पुलिस की कार्रवाई का कोई औचित्य नहीं बनता। प्रेमी ने कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रहे हैं। ऐसे लोगों पर पुलिस को नजर रखनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में राजपाल सिंह पूनिया, वीरी सिंह कर्दम, भगवान सिंह भारती, रईस अहमद अब्बासी आदि नेता शमिल रहे।