कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव किंदौली के पास नहर में पिछले हफ्ते मिले 45 वर्षीय युवक के शव को पुलिस ने जमीन से निकलवाकर उसकी दोबारा शिनाख्त करवाई। पिछले हफ्ते इस शव की गलत शिनाख्त हो गई थी।
अब इस शव की पहचान पुलिस ने जिला अलीगढ़ के इगलास थाना क्षेत्र के गांव रामपुर निवासी बिजेंद्र के रूप में की गई। पुलिस ने इस शव को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। वहीं, पूर्व में शव की पहचान गढ़ी गिरधरा निवासी शंकर लाल के रूप में उसके परिजनों ने की थी, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव शंकरलाल के परिजनों को सौंप दिया था। उन्होंने इस शव की स्थिति खराब होने के कारण इसका अंतिम संस्कार जलाने के बजाय जमीन में दफनाकर किया था।
ज्ञात रहे कि पिछले हफ्ते गुरुवार को कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के गांव किंदौली के निकट नहर से पुलिस ने एक शव बरामद किया था। बाद में इस शव की शिनाख्त गढ़ी गिरधरा निवासी शंकरलाल के रूप में कर ली गई थी। शंकरलाल चूंकि गांव से लापता था, इसलिए परिजनों ने नहर से मिले शव को शंकरलाल का समझ लिया। शिनाख्त के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया और शव को शंकरलाल के परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था।
शंकरलाल के परिजनों ने शव की हालत बेहद खराब होने पर जमीन में दफनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। रविवार की सुबह घर से बाहर गए शंकरलाल का फोन परिजनों के पास आया। फोन पर शंकरलाल के जिंदा होने की जानकारी होने के बाद परिजनों ने शंकरलाल को तुरंत पूरे मामले की जानकारी दी और घर बुलाया। शंकरलाल के लौटने के बाद परिजन उसे लेकर कोतवाली हाथरस गेट पहुंचे और कोतवाल अनिल कुमार सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी।
शंकरलाल के जिंदा होने की बात सुनकर कोतवाल सन्न रह गए थे, जिसके बाद पुलिस ने सोमवार को इस शव को जमीन से खुदवाकर निकलवाया। अब अलीगढ़ जिले की कोतवाली इगलास क्षेत्र के गांव रामपुर के लोगों ने इस शव की पहचान बिजेंद्र के रूप में की है। शिनाख्त से संतुष्ट होने के बाद अब इस शव को बिजेंद्र के परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने अब इस मामले की विधिवत रूप से तहकीकात शुरू कर दी है।