विभिन्न मांगों को लेकर लगातार 22 दिन से हड़ताल पर रहकर धरना-प्रदर्शन कर रहीं आंगनबाड़ी व आशा कार्यकत्रियों का गुस्सा शुक्रवार को फिर फूट पड़ा। इन कार्यकत्रियों ने सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित शहर के तालाब चौराहे को जाम कर दिया।
इस दौरान वहां से जा रही एडीएम की गाड़ी को भी इन कार्यकत्रियों ने रोक लिया। एडीएम और इन कार्यकत्रियों में जमकर नोक-झोंक और तनातनी हुई। नौबत धक्का-मुक्की तक भी पहुंच गई। अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया। इन कार्यकत्रियों ने एडीएम की गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया, जिससे एडीएम को पैदल ही वहां से जाना पड़ा।
आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मानदेय बढ़ाने, राज्य कर्मियों का दर्जा दिए जाने और मासिक वेतन निर्धारित किए जाने सहित कई अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं। आंगनबाड़ी कलेक्ट्रेट और आशा कार्यकत्री सीएमओ दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन कर रहीं हैं।
कलेक्ट्रेट पर धरने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां जिला अस्पताल पहुंची और वहां एक्सीडेंट में घायल कार्यकत्री को देखने के बाद इन कार्यकत्रियों ने जिला अस्पताल के सामने ही जाम लगा दिया। इसके बाद यह आंगनबाड़ी कार्यकत्री तालाब चौराहे पर पहुंच गईं और वहां भी जाम लगा दिया।
इसकी जानकारी जब तालाब चौराहे के निकट सीएमओ दफ्तर में धरना दे रहीं आशा कार्यकत्रियों को हुई तो वह भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ सड़क जाम आंदोलन में शामिल हो गईं। इसके बाद सीएमओ, एडीएम और अन्य अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
इस दौरान वहां से गाड़ी से जा रहे एडीएम अली हसन कर्नी को इन कार्यकत्रियों ने रोक लिया, जिससे एडीएम गुस्सा गए और कार्यकत्रियाें पर झल्ला पड़े। इसके बाद तो आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में बेहद आक्रोश व्याप्त हो गया। इन कार्यकत्रियों की एडीएम से जमकर नोक-झोंक हुई। कार्यकत्रियों ने एडीएम की गाड़ी को निकलने नहीं दिया।
एडीएम को गाड़ी वहीं छोड़कर पैदल ही वहां से जाना पड़ा। तालाब चौराहे पर करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। किसी तरह पुलिस अफसरों के समझाने के बाद ही इन कार्यकत्रियों ने जाम खोला। कार्यकत्रियों का यह भी आरोप था कि जिला स्तरीय मांगाें का समाधान तो दूर डीएम ने एक भी दिन उनकी समस्याओं को नहीं सुना है। चेतावनी दी कि यदि डीएम ने समस्याएं न सुनीं तो वह उनके दफ्तर में चली जाएंगी।
इसलिए फूटा गुस्सा
कलेक्ट्रेट पर चल रहे आंदोलन में शुक्रवार को भाग लेने जा रही कार्यकत्री कुसुम दीक्षित निवासी रहना का किसी वाहन से एक्सीडेंट हो गया, उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इस कार्यकत्री को देखने के लिए स्वास्थ्य विभाग का कोई भी अफसर मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे इन कार्यकत्रियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मानव शृंखला बनाते हुए जिला अस्पताल के सामने ही जाम लगा दिया और चेतावनी दी कि यदि कुसुम को कुछ हुआ तो इसके जिम्मेदार डीएम होंगे।
दो कार्यकत्रियाें की बिगड़ी हालत
जाम में शामिल दो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हालत भी बिगड़ गई। किसी तरह इन कार्यकत्रियों को पानी आदि के छींटे मारकर होश में लाया गया। एकाएक हुए इस घटनाक्रम से वहां अफरा-तफरी मच गई।