हाथरस। सहपऊ में ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा समर्थित प्रत्याशी विनीत गुप्ता की जीत के बाद हुई हर्ष फायरिंग के बाद पुलिस के एक युवक को हिरासत में लेनेे से हंगामा खड़ा हो गया। सपा नेताओं ने इसे लेकर पुुलिस को घेरना शुरू कर दिया। सपाइयों का कहना था कि फायरिंग इस युवक ने नहीं, किसी और ने की है और बसपाइयों के इशारे पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। हंगामे की आशंका को ध्यान में रखते हुए पुलिस आरोपी को पहले सादाबाद थाने ले आई और फिर वहां से जंक्शन थाने ले गई। यहां सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल पहुंच गए और युवक को हिरासत में लिए जाने के पुलिस के कदम को गलत ठहराया। इस पर विधायक देवेंद्र और सीओ प्रीति सिंह के बीच जमकर नोक-झोंक भी हुई, जिससे वहां हंगामा खड़ा हो गया।
बाद में थाने पहुंचे एसपी डॉ. एस. चन्नप्पा के पूछताछ के बाद युवक को छोड़ने का आश्वासन देने पर विधायक और सपा नेता लौट आए। हर्ष फायरिंग के बाद पुलिस ने जैसे ही सपा समर्थित युवक को हिरासत में लिया, सपा नेता भड़क गए। युवक को लेकर जा रही पुलिस की जीप के पीछे-पीछे सपा की गाड़ियां लग गईं। पुलिस को हंगामे की आशंका साफ दिख रही थी, इसलिए आरोपी को हाथरस जंक्शन थाने लाया गया। यहां भी जब सपा विधायक और अन्य नेताओं की गाड़ियों का पहुंचना शुरू हो गया तो बवाल की आशंका बढ़ गई। आसपास थानों के फोर्स को जंक्शन थाने बुला लिया गया। सीओ सिकंदराराऊ डीके बालियान के अलावा सीओ हाथरस प्रीति सिंह और सीओ सादाबाद नरेंद्र देव को भी बुला लिया गया। एसडीएम सदर केहरी सिंह भी आ पहुंचे। देर तक विधायक की वार्ता पुलिस अधिकारियों से चलती रही। इस बीच किसी बात पर सीओ और विधायक के बीच नोक-झाेंक होने लगी। यह देख थाने में खड़े सपा कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी सन्न रह गए। मौके की नजाकत को देखते हुए खुद एसपी थाने पहुंचे और विधायक से वार्ता की।
विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने कहा कि सपा नेताओं को फंसाने के लिए बसपा के लोगाें ने गोली चलाई और पुलिस ने सपा समर्थक को हिरासत में ले लिया है। हंगामा शांत होने के बाद एसपी डॉ. एस चन्नप्पा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
उधर इस मामले में पुलिस ने कोतवाली सहपऊ में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हाथरस जंक्शन थाना के प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि युवक को देर रात जमानत पर रिहा कर दिया है।