हाथरस। जिला बागला और महिला चिकित्सालय में मरीजों व उनके तीमारदारों की किस तरह बेकद्री होती है, इसकी पोल सोमवार को एडी डॉ. मंजू मलिक और जेडी राजेंद्र वार्ष्णेय के निरीक्षण में खुल गई। निरीक्षण के दौरान एक गर्भवती महिला मरीज डिलीवरी कक्ष के गेट पर जमीन पर बेहोशी की हालत में पड़ी मिली। महिला को ब्लीडिंग भी हो रही थी। महिला के परिजनों ने एडी और जेडी को अपने साथ हुए दुर्व्यहार की शिकायत की।
निरीक्षण के दौरान हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव कुरियार की प्रेमलता पत्नी लाखन सिंह अधिक ब्लीडिंग होने के कारण डिलीवरी कक्ष के गेट पर ही गिर पड़ी, जिससे वह बेहोशी की हालत में पहुंच गई। पीड़िता के पति लाखन सिंह और चचिया सास सुखदेवी ने बताया कि प्रेमलता को तीन माह का गर्भ है। आज सुबह 10 बजे वह उसे लेकर अस्पताल आए थे, लेकिन अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था।
नर्स ने भी उन्हें फटकार दिया और अलीगढ़ जाने को कहा। शिकायत पर एडी जेडी का पारा चढ़ गया। आनन-फानन पीड़ित प्रेमलता को डिलीवरी कक्ष में भर्ती किया गया। दवाएं देने के साथ खून भी चढ़ाया गया। एडी डॉ. मंजू मलिक ने बताया कि महिला को विधिवत तरीके से स्ट्रेचर से अंदर लाना चाहिए था। रेफर करने से पहले एंबुलेंस बुलानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा क्यों नहीं हुआ, महिला को क्यों भर्ती नहीं किया गया और किस नर्स ने उसे फटकार लगाई, इसका स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। एक हफ्ते में पूरे मामले की रिपोर्ट तलब कर शासन व मुख्य सचिव को भेजी जाएगी। निश्चित तौर पर इस मामले में जरूर कार्रवाई होगी।