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पुलिस की नौकरी पाने के लिए किया फर्जीवाड़ा

Mon, 18 Jun 2018 12:11 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
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यूपी पुलिस
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हाथरस। फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे पुलिस की नौकरी हासिल करने की कोशिश में एक मुन्नाभाई पकड़ा गया है। अलीगढ़ के गोंडा के रहने वाले इस शख्स ने बेहद चालाकी से मेरिट लिस्ट के आधार पर चयनित सादाबाद के एक ऐसे अभ्यर्थी के नाम से आवेदन किया, जिसका चयन 18 महीने पहले ही सेना में हो चुका था। उसी के नाम से फर्जी मार्कशीटें भी आवेदन के साथ संलग्न की गईं।
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हालांकि चरित्र प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए आवेदन फार्म में दिए गए पते पर पुलिस जब जांच को पहुंची तो आरोपी का फर्जीवाड़ा सामने आ गया। परीक्षा के नोडल अधिकारी सीओ सादाबाद योगेश कुमार ने आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी के आरोप में कोतवाली हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपी फरार है। पुलिस को अभी तक की जांच में पता चला है कि भर्ती परीक्षा में धांधली के पीछे एक संगठित गिरोह का हाथ है।  

परीक्षा के नोडल अधिकारी सीओ सादाबाद योगेश कुमार के मुताबिक सतीश कुमार पुत्र श्यामवीर सिंह निवासी कजरौठी, सादाबाद का चयन मेरिट के आधार पर भर्ती परीक्षा 2015 के लिए किया गया था। सतीश के नाम से आवदेन करने वाले युवक ने 12 जून को पुलिस लाइन में अपना मेडिकल कराया। इसके अगले दिन उसने चरित्र प्रमाण पत्र के लिए फार्म भरा।
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फार्म में दिए सतीश के पते पर जब सादाबाद पुलिस जांच को पहुंची तो पता चला कि सतीश की नौकरी 18 महीने पहले ही सेना में हो चुकी है। परिजनों ने बताया कि सतीश तीन महीने पहले गांव आया था। इस पर जब पुलिस ने आवेदन पत्र पर लगे फोटो को परिजनों को दिखाया तो परिजनों ने कहा कि यह फोटो किसी दूसरे का है, उनके बेटे सतीश का नहीं। सादाबाद के उप निरीक्षक रामगोपाल की रिपोर्ट मिलने पर पुलिस ने आरोपी के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच शुरू कर दी।

इंटरनेट पर यूपी बोर्ड की वेबसाइट से जब प्रमाणपत्रों का मिलान किया गया तो नाम और पिता का नाम तो समान पाया गया लेकिन अनुक्रमांक, जन्मतिथि और अंकों में भिन्नता पाई गई। शैक्षिक प्रमाणपत्रों के जांच में फर्जी पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी को पुलिस लाइन स्थित कार्यालय बुलाया और सख्ती से पूछताछ की। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसका नाम सतीश नहीं बल्कि दिनेश कुमार पुत्र महेंद्र सिंह निवासी विजयगढ़, थाना गोंडा, जिला अलीगढ़ है।

उसे गांव के पास रहने वाले शख्स ने पांच लाख रुपये में नौकरी दिलवाने का लालच दिया था। दो लाख रुपये आरोपी ने ले लिए। शैक्षिक प्रमाणपत्र भी आरोपी ने ही बनवाकर दिए थे। इसके बाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर पाती, आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने इस खुलासे के बाद सतीश के नाम का पद निरस्त कर दिया है। सीओ सादाबाद की शिकायत पर आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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