युवक की हत्या का खुलासा करते एसपी सुशील घुले।
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कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र में बागला कॉलेज के मैदान में हुई अमित कुमार उर्फ पिंकू की हत्या का पुलिस ने राजफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने हत्या में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मृतक का मोबाइल और हत्या में प्रयुक्त की गई बाइक बरामद करने का भी दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस अधीक्षक सुशील घुले ने अपने कार्यालय में पत्रकारों को बताया कि 12 फरवरी को रात्रि 7.30 बजे अमित कुमार उर्फ पिंकू पुत्र सूबेदार सिंह निवासी खंदारी गढ़ी कोतवाली हाथरस गेट अपने निजी कार्य से बाजार आया था, जो वापस नहीं लौटा। उसकी परिजनों ने तलाश की तो 13 फरवरी को सुबह छह बजे अमित उर्फ पिंकू का शव बागला कॉलेज के मैदान में पड़ा मिला था। घटना में मृतक के भाई रोहिताश कुमार ने 13 फरवरी को ही नूर नवी निवासी खंदारी गढ़ी आदि दो अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या व हरिजन एक्ट का अभियोग पंजीकृत कराया था।
घटना की जांच सीओ सिटी सुमन कनौजिया द्वारा की जा रही थी, जिन्होंने घटना का खुलासा एसओजी टीम तथा सर्विलांस सेल में नियुक्त सचिन और क्षेत्राधिकारी कार्यालय में तैनात कांस्टेबिल संजय कुमार आदि के सहयोग से किया। घटना में पुलिस ने दीपक पाठक निवासी सिकंदरपुर कोतवाली हाथरस जंक्शन हाल निवासी सीयल खेड़ा व दीपक बघेल निवासी नगला गड़रिया थाना हसायन हाल निवासी तमना गढ़ी को घटना में शामिल होना पाया। कोतवाली हाथरस गेट के प्रभारी योगेश कुमार सिरोही और एसआई धनेंद्र शर्मा आदि ने मंडी समिति के गेट के बराबर से मृतक अमित कुमार के मोबाइल फोन और एक संदिग्ध मोटर साइकिल सहित दोनों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने घटना का इकबाल किया।
इन युवकों ने बताया कि 12 फरवरी को रात्रि में खातीखाना शराब के ठेके पर वह दोनों शराब पीने गए थे। जहां शराब पीते समय अमित से उनका विवाद हो गया। हम दोनों से गाली-गलौज करने पर जब वह बागला कॉलेज के मैदान में पहुंचा तो करीब 11 बजे उन्होंने उसके साथ मारपीट की और जमीन पर पटककर उसका गला दबा दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके पास केवल मोबाइल फोन था, जिसे वह लूट ले गए। दूसरे दिन हमें पता चला कि मरने वाले का नाम अमित कुमार उर्फ पिंकू है। उसके भाई ने नूरनवी के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही थी, जिससे वह निश्चिंत हो गए और काफी दिन बाद लूटे गए मोबाइल को उन्होंने करीब चार-पांच दिन चलाया था, फिर बाद में बंद कर दिया। वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ.अरविंद कुमार और सीओ सिटी सुमन कनौजिया भी मौजूद थीं।
घटना से शहर में पैदा हुआ था सांप्रदायिक तनाव कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र में अमित की हत्या से कुछ दिन पूर्व ही एक और दलित युवक की हत्या कर गली में शव फेंक दिया गया था। इसके बाद इस दूसरे दलित युवक की हत्या के बाद खंदारी गढ़ी इलाके में काफी तनाव हो गया था। इन दोनों ही घटनाओं में दूसरे समुदाय के लोगों का नाम होने के कारण शहर में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा होने लगी थी। जिले की पुलिस ने इस मामले में काफी सक्रियता दिखाई। लंबे समय तक क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए फोर्स भी तैनात किया गया था।