फर्म की पत्रावली जांचते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
एसडीएम सदर अमिताभ यादव और मंडी सचिव रामबाबू शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में मंडी के पीछे एक फर्म पर छापेमारी की। यहां छत्तीसगढ़ की एक फर्म के नाम के बोरे भी मिले। इनमें हाथरस में ही चिरबे पैक कराए जा रहे थे। इस परिसर में दो फर्मों का संचालन पाया गया, जिनके रिकॉर्ड में 315 क्विंटल जौ, 240 क्विंटल अंडी, 510 क्विंटल सेला चावल, 143 क्विंटल अरहर दाल, 515 क्विंटल अरहर, 90 क्विंटल चना, 20 क्विंटल मूंगफली का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
इन फर्मों के रिकॉर्ड में 1160 क्विंटल गेहूं दर्ज था, लेकिन गोदामों में मौके पर मात्र 90 क्विंटल गेहूं ही मिला। इस प्रकार 90 क्विंटल मक्का भी थी, जो रिकॉर्ड में दर्ज पाई गई। मंडी समिति ने दोनों फर्मों को नोटिस जारी किया है। उनसे इन मंडी उत्पादों का रिकॉर्ड नहीं होने एवं बाहर की फर्माें के बोरे इन फर्मों पर पैक होने के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।
इन सभी मंडी उत्पादों के बारे में रिकॉर्ड नहीं होने की जानकारी की तो फर्म स्वामी कोई संतोषजनक जबाव नहीं दे सके। इस कार्रवाई के बाद मंडी सचिव रामबाबू सिंह ने इन फर्मों के बारे में सेक्टर प्रभारी आदि से भी जवाब मांगा है। छापे के दौरान नायब तहसीलदार मनोज वार्ष्णेय, प्रभारी राजस्व निरीक्षक मदन शर्मा भी थे, जबकि मंडी सचिव रामबाबू के साथ मंडी निरीक्षक दिनेश कुमार शर्मा और हरीशंकर पाठक सहित कई मंडी कर्मचारी मौजूद थे।