हाथरस। वसुंधरा एन्क्लेव से एडीजे फास्ट ट्रैक राजकुमार बंसल के यहां हुई चोरी का 63 दिन बाद खुलासा हो गया है। घटना के सिलसिले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से सरकारी लैपटॉप, लाइसेंसी रिवॉल्वर और जेवरात बेचकर हासिल किए गए दो लाख रुपये, एलईडी, दो सीएमपी 315 बोर, जिंदा कारतूस, मैगजीन आदि बरामद कर लिए हैं। यह जानकारी डीआईजी अलीगढ़ रेंज गोविंद अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। उन्होंने खुलासे के लिए पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिए जाने की भी घोषणा की।शहर कोतवाली क्षेत्र में वसुंधरा एन्क्लेव में एडीजे राजकुमार बंसल के यहां 28-29 दिसंबर, 2015 की रात्रि में हुई चोरी की वारदात पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी। नवागत एसपी डॉ.अजयपाल शर्मा ने हाथरस का प्रभार संभालने के बाद इस घटना के खुलासे के लिए सर्विलांस प्रभारी, इंटेलीजेंस विंग के प्रभारी और कोतवाली पुलिस को घटना के खुलासे के निर्देश दिए थे। एक मार्च को टीम ने मुखबिर की सूचना पर आगरा रोड पर एमजी पॉलीटेक्निक के आगे कुछ संदिग्धों की सूचना पर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपियों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने अपना बचाव कर आवश्यक बल प्रयोग करते हुए चार लोगों को मौके पर ही दबोच किया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में इन लोगों ने अपने नाम संजय कुमार निवासी हरदुआगंज, दशरथ, प्रताप उर्फ प्रदीप निवासीगण नगला त्रिकोना कोतवाली क्वारसी , ललित निवासी रामपुर चंदयानी कोतवाली पाली मुकीमपुर अलीगढ़ बताए हैं। टीम में शामिल लोगों में शहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक नरेंद्रपाल सिंह, सर्विलांस सैल के प्रभारी अजय कौशल, इंटेलीजेंस विंग के प्रभारी मोहम्मद यूनिस सिद्दीकी, आरक्षी वीरेश कुमार, संदीप राघव, गिरीशचंद्र, प्रेमनाथ, भूपेंद्र राघव, अजय सिंह, रामवीर सिंह, चंद्रशेखर आदि थे।
पुलिस पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट हाथरस। एडीजे के यहां हुई चोरी का खुलासा करने के साथ ही पुलिस ने पकडे़ गए चारों आरोपियों के खिलाफ पुलिस पर प्राणघातक हमला करने एवं नाजायज असलहे बरामद होने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
हाथरस गेट क्षेत्र की भी चोरी खुलीहाथरस। मुठभेड़ के बाद पकडे़ गए बदमाशों ने कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र में हुई चोरी की एक घटना का भी इकबाल किया है। चोरी गए सामान में एक बड़े साइज की एलईडी, एक कैमरा, एक सेमसंग कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
गैंग ने की हाथरस-अलीगढ़ में 10 बड़ी चोरियांहाथरस। एसपी डॉ.अजय पाल ने बताया कि चारों चोर शातिर किस्म के अपराधी हैं। यह पूर्व में भी अलीगढ़ में हुई चोरी की वारदातों में जेल जा चुके हैं। चोरी करने से पहले दिन में यह शहर में फेरी लगाने के बहाने घूम-घूमकर रैकी करते थे। जिस अच्छे मकान में यह अंदाजा लगा लेते थे कि मकान में कोई नहीं रह रहा है, उसी घर के रात में ताले चटका लेते थे। अब तक यह हाथरस और अलीगढ़ में चोरी की करीब 10 घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस गैंग के कुछ सदस्य अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं, जिनको पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं। उम्मीद है कि वह भी शीघ्र ही पुलिस की पकड़ में होंगे।