मथुरा में केंद्रीय जल आयोग और बाढ़ नियंत्रण के कार्यालय में कार्यरत तृतीय श्रेणी कर्मचारी रामप्रकाश (58) ने हाथरस के तरफरा रोड स्थित अपने आवास पर सोमवार सुबह जहर खा लिया। इसके कुछ देर बाद आगरा के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान रामप्रकाश की मौत हो गई। अपने सुसाइड नोट में रामप्रकाश ने पुत्रवधु वंदना, उसके पिता महेंद्र और चाचा मुखिया पर संपत्ति हड़पने के लिए झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। कोतवाली पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रामप्रकाश ने सुसाइड नोट में पूरी कहानी बयां की है। उन्होंने सदर कोतवाल को लिखे सुसाइड नोट में कहा है कि उनके बेटे सोनू की शादी मई 2013 में महावन थाना क्षेत्र के गांव कारव की वंदना पुत्री महेंद्र से हुई थी। अक्तूबर 2013 में सोनू की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसके बाद वंदना मायके चली गई थी। अप्रैल 2014 में उसने बेटे को जन्म दिया। वंदना को कई बार साथ रखने की कोशिश की गई लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुई। वंदना और उसके पिता महेंद्र का व्यवहार उनके प्रति खराब होता गया। संपत्ति हड़पने के लिए रामप्रकाश को झूठे केस में फंसाने की धमकियां दी जाने लगीं।
इसे लेकर कई बार पंचायतें हुई और समझौते भी हुए। दो बार रामप्रकाश ने वंदना के लिए मासिक गुजारा राशि भी देना शुरू किया लेकिन वंदना और उसके पिता महेंद्र ने समझौतों का पालन नहीं किया। रामप्रकाश ने लिखा है कि वंदना के खराब व्यवहार से वह बेहद आहत हो चुके थे। वंदना ने उन्हें झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी थी। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। वह गहरे मानसिक दबाव में थे। उन्होंने लिखा है कि चारों तरफ देख लिया कहीं भी शांति नजर नहीं आती। इस तरह अब जीना बेकार है। बहुत दुखी हूं, इसलिए ऐसा कदम उठा रहा हूं।
रामप्रकाश ने अपने सुसाइड नोट में विष्णु निवासी भदामई, प्रमोद निवासी सोखना, प्रकाश चंद्र शर्मा और रवि कुशवाह का नाम अलग से लिखा है। हालांकि उनके बारे में साफ तौर पर कुछ नहीं लिखा है। रामप्रकाश ने उनकी मौत के बाद पुत्रवधु वंदना को घर में न आने देने और पत्नी की सुरक्षा किए जाने का अनुरोध सदर कोतवाल से किया है। कोतवाल जेएस पवार का कहना है कि पुत्रवधु , ससुर और चचिया ससुर के विरुद्ध धारा 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।