हाथरस। शहर की एक 30 वर्षीय महिला के राष्ट्रीय महिला आयोग से गुहार लगाने के बाद कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस महिला का आरोप है कि मोहल्ले के दो युवकों ने धोखे से बेहोश करने के बाद उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद एक आरोपी की बहन के घर आगरा ले जाकर एक महीने तक उसे बंधक बनाकर बलात्कार किया।
महिला के मुताबिक दो अप्रैल को वह उपचार के लिए बागला जिला अस्पताल आई थी। उसे ब्लड प्रेशर की समस्या थी। जिला अस्पताल में उसे मोहल्ले के दो युवक मिले। इनमें से एक युवक ने महिला से कहा कि उसकी मां पास ही टीबी अस्पताल में भर्ती हैं। डॉक्टर उन्हें डिस्चार्ज कर रहे हैं। मदद के लिए एक व्यक्ति की जरूरत है। युवकों की बातों पर भरोसा कर महिला उनके साथ चली गई। आरोपी महिला को टीबी अस्पताल के पीछे की ओर ले गए। उसे संक्रमण से बचाने की बात कहकर मास्क पहना दिया गया। मास्क पहनते ही महिला बेहोश हो गई।
महिला को जब होश आया तो वह आगरा के शमसाबाद इलाके में एक आरोपी की बहन के घर थी। यहां एक आरोपी ने तमंचे के बल पर उसे एक कमरे में बंधक बनाकर रखा और एक महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया। दस मई को आरोपी महिला को शहर में छोड़कर भाग गए। महिला ने इस मामले में 16 मई को एसपी से मिलकर शिकायत की थी। कार्रवाई न होने पर महिला आयोग से गुहार लगाई थी। कोतवाल योगेश सिरोही ने बताया कि आरोपी मोना, उसकी बहन, जीजा समेत चार लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।