अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र में नगला भूरा रोड पर एक किशोर ने घर के दरवाजे से लटककर खुद को फांसी लगा ली। किशोर की मौत से उसकी मां और छोटा भाई सदमे में है। किशोर का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। वह डूडा से लोन लेने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिलने पर किशोर ने मौत को गले लगा लिया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है और न ही कोई शिकायत पुलिस से की है।
17 वर्षीय शिवांशु के पिता नरेश अग्रवाल मूल रूप से आगरा के रहने वाले हैं। हाथरस में शिवांशु की ननिहाल है। आगरा में दुकान सही नहीं चलने पर पूरा परिवार यहां आकर बस गया है। एक साल पहले बीमारी के कारण नरेश अग्रवाल की मौत हो गई। नरेश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बड़े बेटे शिवांशु और छोटे बेटे हर्षित के लालन-पालन के लिए उनकी मां मंजू अग्रवाल एक निजी स्कूल में पढ़ाने लगीं। परिवार नगला भूरा रोड पर ही एक शिक्षक के मकान में किराए पर रह रहा है। इंटर की परीक्षा पास करने के बाद से शिवांशु को किसी काम-धंधे की तलाश थी।
वह मिठाई के डिब्बे बनाने का कारखाना लगाना चाहता था। लोन के लिए उसने कई बार डूडा कार्यालय के चक्कर भी काटे, लेकिन कोई बात नहीं बनी। इससे शिवांशु उदास रहने लगा था। गुरुवार को उसने घर के एक कमरे के दरवाजे से खुद को रस्सी से लटका लिया। दोपहर को जब उसकी मां मंजू स्कूल से लौटीं तब बेटे को फांसी पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। पति की मौत के एक साल बाद बड़े बेटे की मौत ने मंजू को बुरी तरह तोड़ दिया है। उनके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। आसपास के लोग परिवार को सांत्वना दे रहे हैं।
उधर, सूचना पर पहुंची यूपी 100 की पीआरवी ने शव को नीचे उतारा और तलाशी ली। तलाशी में पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। इसके बाद कोतवाली हाथरस गेट पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। परिजनों के कोई कार्रवाई न करने की बात कहने पर पुलिस लौट आई।