क्राइम डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
मुठभेड़ के बाद दबोचे गए कुख्यात भीमा पहलवान से मंगलवार को पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने गहनता से पूछताछ की। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो भीमा ने अधिकारियों के सामने कई राज उगले, यह भी बताया कि वह इस समय किसके लिए काम कर रहा था। कुछ सफेदपोशों से भी अपने संबंध बताए। ऐसे में माना जा रहा है कि कुछ सफेदपोश पुलिस के रडार पर आ गए हैं।
उल्लेखनीय है कि एसओजी टीम ने सोमवार की दोपहर जिले के कुख्यात अपराधी भीमा पहलवान पुत्र भूदेव सिंह निवासी पैंथखेड़ा थाना खंदौली जिला आगरा को तुरसैन गांव के निकट से मुठभेड़ के दौरान पकड़ा था। उसके पैर में गोली लगने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शंकर मीणा ने जिला अस्पताल पहुंच भीमा से गहनता से पूछताछ की थी। इसके अलावा अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी भीमा से पूछताछ की। इस पूछताछ में भीमा ने कई राज उगले। भीमा ने बताया है कि भोला उसका फाइनेंसर था। उसका पूरा खर्चा उठाता था और 20 हजार रुपये महीने उसे खर्चे के लिए देता भी था।
भोला के साथ ही मिलकर लक्ष्मण पहलवान और उसके साथ रवि हत्या की हत्या किए जाने की बात भी भीमा ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार की है। सूत्रों की मानें तो भीमा ने यह भी बताया है कि वह इस वक्त किसके लिए काम कर रहा था। कुछ सफेद पोशों से भी संबंध होने की बात पूछताछ के दौरान सामने आई है। यह भी तथ्य विदित है कि शहर के कई हाई प्रोफाइल हत्याकांडों में लिप्त रहा है।
कोतवाली हाथरस गेट के एसएचओ जितेंद्र कुमार दीखित और एसओजी प्रभारी सुधीर कुमार राठी ने अपनी टीम की देखरेख में उसका एक्सरे कराया, क्योंकि उसके पैर में गोली लगी थी, हालांकि गोली पैर के आर-पार हो गई थी। फिर भी एक्सरे कराने कराया गया, ताकि गोली पार निकलने की बात स्पष्ट हो सके। इसके बाद पुलिस की निगरानी में भीमा को कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उसे जेल भेज दिया गया।