न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिकंदराराऊ (हाथरस)
मां वाकई मां होती है। उसकी जगह दुनिया की कोई चीज नहीं ले सकती। कोतवाली क्षेत्र के गांव खिजरपुर में बारिश के चलते गिरी दीवार के नीचे दबे तीन बच्चों को तो मां ने बचा लिया, लेकिन मलबे में दबकर खुद इतनी घायल हो गई कि उसने इलाज के दौरान दिल्ली में दम तोड़ दिया।
यह कहानी नहीं हकीकत है गांव खिजरपुर की यहां के निवासी अतवीर सिंह पुंढीर की पत्नी प्रेमलता सोमवार को अपने घर में तीन बच्चों गौरी, सुमन और प्रशांत के साथ सो रही थी। रात में तेज बारिश के कारण मकान की दीवार हिलने लगी और एकाध ईंट नीचे गिर गई। इससे प्रेमलता की नींद खुल गई। पल भर में वह पूरा माजरा समझ गई कि दीवार गिरने वाली है।
पास ही में चारपाई पर सो रहे तीनों बच्चों के ऊपर वो ढाल बनकर गिर गई। एक-एक करके उसने तीनों बच्चों को वहां हटा दिया। इस दौरान दीवार का मलबा उसके ऊपर गिर गया और वह गंभीर रूप से मलबे के नीचे दबकर घायल हो गई। रात में ही गंभीर हालत में उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज ले लाया गया। वहां हालत में सुधार नहीं होने पर उसे दिल्ली ले जाया गया। जहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। गांव में शव आने पर शोकाकुल माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।