न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सिकंदराराऊ। सरकार ने जब से शस्त्र लाइसेंस निर्माण प्रक्रिया से रोक हटाई है, तब से रिवाल्वर, पिस्टल और रायफल के लाइसेंस लेने वालों ने अब तक 500 से ज्यादा फॉर्म भर दिए हैं। कोतवाली पर रिपोर्ट लगवाने के लिए भीड़ लग रही है। महज फाइल को पूरा कराने के लिए लोग मंत्री तक की सिफारिशें लगवा रहे हैं।
बता दें कि शस्त्र लाइसेंस पर काफी समय से रोक लगी हुई थी। कुछ माह पूर्व शासन से शस्त्र लाइसेंस पर लगी रोक हटा ली गई है। रोक हटते ही लोगों में शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने की होड़ लग गई है। जिला पुलिस और प्रशासन ने शासन के निर्देश के अनुसार लाइसेंस बनाने की नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई प्रक्रिया काफी जटिल है। कोतवाली क्षेत्र काफी बड़ा है, इसलिए आवेदकों की संख्या 500 से ज्यादा हो गई है। युवाओं में शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए काफी क्रेज दिख रहा है।
इधर, जिला स्तरीय अधिकारी भी इतने आवेदनों को लेकर संशय में हैं। प्रक्रिया पूर्ण हो भी जाती है तो क्या इतने लाइसेंस जारी हो पाएंगे। लाइसेंस प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए लोग मंत्री तक से सिफारिशें करवा रहे हैं। इधर, लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण सांसद और विधायकों के पास भी लाइसेंस के लिए सिफारिशें लगवाने वालों की लाइन लग रही है।
सत्ताधारी भाजपा संगठन के नेताओं का भी लाइसेंस बनवाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बन रहा है। कोतवाल मनोज कुुमार शर्मा ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक कोतवाली पर लाइसेंस के आवेदन में जरूरी औपचारिकताएं पूरी कराने वालों की भीड़ लगी रही।