न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। पुलिसकर्मियों की पिटाई से मृत दलित दिव्यांग विमल की मौत के बाद सोमवार की रात से लेकर मंगलवार की दोपहर तक जिले का पुलिस प्रशासन हलाकान रहा। जिले के अलावा आसपास के जिलों की पुलिस फोर्स भी यहां बुला ली गई और अधिकारी इस आशंका से चिंतित रहे कि कहीं फिर किसी तरह का कोई बवाल नहीं हो जाए। मंगलवार की दोपहर को जब शव का अंतिम संस्कार हो गया, तब अधिकारियों ने चैन की सांस ली।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को नगला भोजा निवासी विमल पुत्र गुलाब सिंह को एक दरोगा और दो पुलिसकर्मियों ने जमकर पीटा था। पिटाई के बाद उसकी मौत हो गई थी। वह ढकेल लगाता था। विमल की मौत के बाद सोमवार की शाम को जमकर बवाल हुआ था। आक्रोशित लोगों ने जाम लगाकर वाहनों में तोड़फोड़ की थी। पुलिस की भी गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दी थीं। कई पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की थी।
करीब तीन घंटे बाद जैसे-तैसे कुछ नेताओं के समझाने पर रात्रि में जाम खुल सका था। तत्काल ही डीएम ने एक लाख रुपये की सहायता राशि मृतक के परिजनों को दी थी। एसपी ने रात्रि में ही आरोपी दरोगा आशीष यादव को सस्पेंड कर दिया था। पुलिस अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम के इसे लेकर चिंतित थे कि कहीं रात्रि में फिर से बवाल नहीं हो जाए। इसके मद्देनजर रात्रि में ही शव को पोस्टमार्टम गृह भेज दिया था। यही नहीं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आसपास के जिलों का पुलिस फोर्स भी बुलवा लिया था। शव का अंतिम संस्कार होने के बाद अधिकारी राहत में दिखे।