कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेते परियोजना निदेशक
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कलेक्ट्रेट सभागार में परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण राजेश कुरील ने 4 दिसंबर को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निराश्रित गोवंशों के भरण-पोषण, खुले में घूम रहे गोवंश के संरक्षण एवं गोशालाओं में ठंड से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
परियोजना निदेशक ने कहा कि सड़क एवं खेतों में विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश को नजदीकी गोशालाओं में संरक्षित कराया जाए। उन्होंने कहा कि संरक्षित गोवंश को पर्याप्त भूसा और ठंड से बचाए जाने के भी पुख्ता इंतजाम किए जाएं। उन्होंने कहा कि ठंड से किसी भी गोवंश की मृत्यु नहीं होनी चाहिए। समय-समय पर चिकित्सकों द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन गोशालाओं में अभी तक विद्युत कनेक्शन नहीं हुए हैं, उनमें तत्काल विद्युत कनेक्शन कराते हुए सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरों को संचालित कराना सुनिश्चित करें।
उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों एवं समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका और नगर पंचायतों को खुले में घूम रहे गोवंश को पकड़कर संरक्षित करने तथा प्रतिदिन संरक्षित किए जा रहे गोवंश की तत्काल जीओ टैगिंग कराते हुए प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए और कहा कि टैगिंग किए हुए गोवंश किसी भी दशा मे खुले में घूमते नहीं पाए जाने चाहिए, अन्यथा संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 37 अस्थायी और अन्य गो आश्रय स्थल संचालित हैं। 11868 निराश्रित गोवंश संरक्षित हैं। जिले में 3000 गोवंश खुले में घूम रहे हैं, जिनका संरक्षण कराया जाना है।