जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने हत्या के एक आरोपी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी को सश्रम अजीवन कारावास एवं 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी है कि अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में 10 माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अर्थदंड अदा होने पर 70 प्रतिशत धनराशि मृतक के माता-पिता को प्रतिकर के रूप में दिए जाने के निर्देश दिए हैं।अभियोजन पक्ष के मुताबिक बांकेलाल निवासी बिजाहरी सासनी ने कोतवाली सासनी पुलिस को सौंपी तहरीर में आरोप लगाए थे कि 25 मई 2012 को उसका 22 वर्षीय पुत्र दीपू घर से मंडी में पल्लेदारी का काम करने के लिए गया था। जब घर नहीं लौटा तो उसका बड़ा पुत्र राजू शाम करीब 5.30 बजे घर से मंडी में देखने गया। इस दौरान चंद्रमोहन अग्रवाल की फैक्ट्री में भीड़ देखकर वहां पहुंच गया। वहां उसने देखा कि उसका लड़का मृत पड़ा हुआ है। उसके गले में गमछे का फंदा लगा हुआ है।पुलिस ने इस मामले की जांच की। जांच में करुआ उर्फ कालीचरण का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस ने उक्त करुआ उर्फ कालीचरण के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। न्यायालय ने दोनों ओर के विद्वान अधिवक्ताओं को सुना और आरोपी के खिलाफ पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए दोषी करार दिया और सजा का फैसला सुनाया।