बिसावर में पहुंचकर लोगों को समझाते एसडीएम संजय कुमार सिंह, सीओ गोपाल सिंह। संवाद
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क्षेत्र के गांव में बिसावर ने मृतक को शमशान में दफनाने को लेकर विवाद हो गया। दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष का कहना था कि यह श्मशान हिंदुओं का है, इसलिए यहां शव को जलाकर ही अंतिम संस्कार किया जा सकता है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना था कि वह जिस मत को मानते हैं, उसमें दफन कराके ही अंतिम संस्कार करने का विधान है। मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जब मामला सुलझा नहीं तो एसडीएम और सीओ ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा कर मामला शांत कराया। आखिरकार शव को श्मशान में ही दफना दिया गया।
बिसावर निवासी कुछ लोगों ने ईसाई मत अपना लिया था। वह नए धर्म के अनुसार ही जीवन यापन कर रहे थे। शुक्रवार को बीमारी के चलते इसी बस्ती के एक युवक की मौत हो गई। धर्मांतरण के बाद इन लोगों ने जो धर्म अपनाया था, उसमें शव को दफनाने की प्रथा है, इसलिए बस्ती के लोग इकट्ठा होकर शव को दफनाने के लिए सती आश्रम के निकट स्थित श्मशान गृह पहुंच गए। दूसरे धर्म के लोगों को यह उचित नहीं लगा। दूसरे धर्म के काफी लोग श्मशान गृह में जमा हो गए। उनका कहना था श्मशान में शव के दाह संस्कार की प्रथा है, इसलिए श्मशान में किसी शव को दफनाने नहीं दिया जाएगा। इसे लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। मामला दो धर्मों से जुड़ा था, इसलिए तत्काल पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। बाद में एसडीएम संजय कुमार और सीओ गोपाल सिंह मौके पर पहुंचे। आसपास चूंकि ऐसा कोई स्थान नहीं था, जहां शव को दफनाया जा सके, इसलिए लोगों को समझा-बुझाकर श्मशान में ही शव को दफन कराया गया। एसडीएम ने दोनों पक्षों को हिदायत दी कि अगर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि शव को दफनाने को लेकर विवाद हुआ था। बाद में श्मशान में ही शव को दफन करा दिया गया है।