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Hathras News: बारिश से हालत खराब, सड़कों पर जलभराव, आवागमन में हुई दिक्कत

Mon, 12 Aug 2024 03:14 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

बारिश्ह से शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया। गली-मोहल्लों में जलभराव से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को पानी में होकर गुजरना पड़ा। गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना होने का डर बना रहा। कई स्थानों पर घरों के सामने भी जलभराव हो गया।
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बारिश में शहर के चावण गेट से चूना वाला डंडा रोड पर जलभराव - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हाथरस में 11 अगस्त की दोपहर से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। कभी तेज बारिश हुई तो कभी बूंदाबांदी होती रही। बारिश से मौसम तो ठंडा हो गया, लेकिन शहर की हालत खराब हो गई। जगह-जगह जलभराव होने से राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर करीब 12:30 बजे से बारिश शुरू हो गई। कई बार झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल गई, लेकिन बारिश ने एक बार फिर नगर पालिका की जलनिकासी की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। शहर में सड़कों पर जलभराव हो गया। गली-मोहल्लों में जलभराव से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों को पानी में होकर गुजरना पड़ा। गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना होने का डर बना रहा। कई स्थानों पर घरों के सामने भी जलभराव हो गया। बारिश के पानी से नाले उफना गए। इससे नालों की गंदगी बाहर सड़कों पर आ गई।

इन स्थानों पर हुआ जलभराव
बारिश से लेबर कॉलोनी, विष्णुपुरी, गिर्राज कॉलोनी, रमनपुर, श्रीनगर, नवल नगर, कैलाश नगर, मोहल्ला नई दिल्ली, नाई का नगला, रानी का नगला, लेबर कॉलोनी, साकेत कॉलोनी, औद्योगिक अस्थान, मोहनगंज, चामड़ गेट, जलेसर रोड, सरक्यूलर रोड, डाकखाना वाली गली, भूरापीर, मोहनगंज, लक्ष्मी टॉकीज वाली गली सहित कई प्रमुख बाजारों में जलभराव हो गया। इधर, जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, सदर कोतवाली आदि सरकारी कार्यालयों में भी जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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फसलों के लिए वरदान साबित होगी वर्षा

11 अगस्त को हुई बारिश धान की फसल के लिए वरदान साबित होगी। बारिश से धान की प्राकृतिक सिंचाई हो गई। इससे धान की वृद्धि और उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जिले में इस वर्ष करीब 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की रोपाई हुई है। किसानों को धान की फसल के लिए बारिश का इंतजार था। बारिश से फसल को प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन मिल जाता है। इससे धान की गुणवत्ता और उत्पादन अच्छा होता है।

नाला सफाई के लिए 45 लाख रुपये के निकाले थे टेंडर
हाथरस नगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार शहर में कुल 45 नाले हैं। बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका ने इन नालों की सफाई के लिए करीब 45 लाख रुपये के टेंडर निकाले थे। इसके बावजूद शहर में जलभराव की समस्या से निजात नहीं मिल पाई।
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