कोतवाली की एक चौकी के अर्न्तगत एक मोहल्ले में बालक के साथ बहला फुसला कर कुकर्म किया गया। जब पीड़ित के परिजन रिपोर्ट दर्ज करवाने कोतवाली गए तो पुलिस ने उन्हें टरका दिया। इसके बाद परिजनों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अब घटना के 53 दिन बाद शनिवार को अदालत के आदेश पर चार आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कस्बा निवासी एक व्यक्ति का ने शिकायत की थी कि उसका 10 वर्षीय भतीजा एक स्कूल में पढ़ता है। 23 अगस्त को जब वह दोपहर एक बजे स्कूल से वापस आ रहा था तभी रास्ते में दो महिलाएं तथा दो अन्य लोग मिले। वे लोग फुसलाकर अपने घर ले गए जहां उसके साथ कुकर्म किया गया।
बालक को चार घंटे तक रोक कर रखा गया। जब वह नियत समय पर घर नहीं पहुंचा तो उसकी तलाश की गई। इसी दौरान किसी ने बताया कि तुम्हारा बच्चा अमुक के घर में बैठा रो रहा है। बच्चे को घर लाकर पूछताछ की गई तो उसने रोते हुए सारी बात बताई। यह भी बताया कि मुझे दो हजार रुपये यह कह कर दिए गए कि अपने अन्य साथियों को भी लाना, इसी तरह पैसे मिलेंगे।
साथ ही जान से मारने की धमकी देकर चुप रहने के लिए कहा गया। इस पर पीड़ित को लेकर परिजन कोतवाली गए लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। इस पर आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की गई। वहां की जांच के बाद अब घटना के 53 दिन बाद अदालत के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की।