फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूसरे दिन भी सर्राफा कारोबार रहा बंद

Sat, 05 Mar 2016 12:06 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन
केंद्र के खिलाफ नारेबाजी करते व्‍यापारी। - फोटो : अमर उजाला, हाथ्‍ारस
विज्ञापन
केंद्र सरकार द्वारा सर्राफा कारोबार व उसे जुड़े व्यवसाय पर एक प्रतिशत उत्पादन शुल्क लगाए जाने से सर्राफा व्यापारियों ने दूसरे दिन भी अपने प्रतिष्ठान बंद रख धरना प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने केंद्र सरकार व वित्त मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन भी किया। सांसद प्रतिनिधि दिलीप पोद्दार व मुकेश पौरुष को प्रधानमंत्री के नाम व्यापारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी सौंपा।
विज्ञापन


अखिल भारतीय सर्राफा एसोसिएशन के भारत बंद के आह्वान पर सर्राफा कमेटी द्वारा सर्राफा बाजार में धरना प्रदर्शन हुआ। कमेटी के अध्यक्ष मोहन लाल सर्राफ ने कहा कि सात मार्च को भी सर्राफा कारोबार बंद रहेगा। व्यापारी संगठित होकर इस काले कानून का विरोध करते रहेंगे। धरना में रविंद्र कुमार, विनोद, नवलकिशोर, राकेश शंटू,, राजीव, शिवम अग्रवाल, दीपेश अग्रवाल, राकेश बुटिया, राजेंद्र गोयल, लक्ष्मी चंद्र, रामजी लाल, भोलाशंकर वर्मा, रमेश चंद्र वर्मा, रामअवतार सेकसरिया, पवन अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, अशोक वर्मा, किशन सिंह, मुकेश अग्रवाल, विष्णु वार्ष्णेय सहित काफी व्यापारी शामिल थे।

इधर, युवा सर्राफा कमेटी व स्वर्णकार सभा ने भी धरना प्रदर्शन कर हड़ताल की। युवा सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष बौ. विकास शर्मा व रमनमूर्ति शर्मा ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी से न केवल सर्राफा व्यवसाय चौपट होगा बल्कि लाखों सर्राफा व्यापारी व स्वर्णकार बेरोजगार हो जाएंगे और सर्राफा व्यापार का सरकारीकरण हो जाएगा। स्वर्णकार सभा के अध्यक्ष बलवीर सिंह वर्मा ने कहा कि इस काले कानून से स्वर्णकार समाज भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे।
विज्ञापन


धरना प्रदर्शन में सौरभ, गिरीश अग्रवाल, धीरेंद्र पाठक, सत्यप्रकाश रंगीला, श्रीनिवास, रामाधर सिंघल, राजकुमार, अमित शर्मा, आलोक शर्मा, अमिताभ शर्मा, हरपाल सिंह वर्मा, राधाबल्लभ माथुर, गिरीश अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, भरत अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, रानू वार्ष्णेय, शौर्य शर्मा, राजकुमार कोठीवाल, राजकुमार, बंटू अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, चंचल शर्मा, अरविंद सौनी, रोहित वार्ष्णेय सहित काफी सर्राफा कारोबारी थे।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें