बीएसएफ के जवान नरेंद्र सिंह के पार्थिव शरीर का शनिवार को गांव में अंतिम संस्कार किया गया। बीएसएफ की एक टुकड़ी सुबह नौ बजे शव लेकर गांव पहुंची थी।
नरेंद्र सिंह पुत्र कुमर पाल बीएसएफ की 164 बटालियन में भर्ती हुए थे। पश्चिम बंगाल के मालदा सीमा पर तैनाती थी। पत्नी वीनेश बच्चोें सहित वहां से 100 किलोमीटर दूर रायगंज स्थित सरकारी आवास में रहती थी। 16 अक्तूबर की शाम पांच बजे पत्नी को बीएसएफ से सूचना मिली कि गोली लगने से नरेंद्र घायल हो गए हैं। इस पर उन्होंने गांव कीलपुर में परिजनों को खबर दी।
गांव से परिजन भी वहां पहुंच गए थे। 18 अक्तूबर को नरेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को गांव में पुत्र वेदांत ने पिता के शव का अंतिम संस्कार किया। वह अपने पीछे माता-पिता, पत्नी, पुत्र और पुत्री राशि सहित भाइयों को रोता छोड़ गए हैं। भाई उमेश ने बताया कि हमें सिर्फ यह बताया गया कि गोली लगने से नरेंद्र घायल हो गए हैं। गोली कैसे लगी, इस बारे में बीएसएफ के अधिकारियों से बार-बार पूछा लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया।