हाथरस के बिटिया प्रकरण में एक आरोपी संदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और शेष तीन आरोपियों रवि, रामू व लवकुश को रिहा करने के आदेश दिए थे। दोनों पक्ष के अधिवक्ता स्थानीय न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
हाथरस के बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में स्थानीय न्यायालय का फैसला आने के बाद अब दोनों पक्ष हाईकोर्ट में पैरवी की तैयारी में जुटे हैं। दोनों पक्षों के इस फैसले की स्टडी करने में लगे हैं।
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विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट ने बृहस्पतिवार को बिटिया के मामले में फैसला सुनाया था। इसमें दुष्कर्म और हत्या का मामला नहीं माना था। एक आरोपी संदीप को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और शेष तीन आरोपियों रवि, रामू व लवकुश को रिहा करने के आदेश दिए थे। दोनों पक्ष के अधिवक्ता स्थानीय न्यायालय के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
अभियुक्त पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंढीर का कहना है कि एक अभियुक्त संदीप को कोर्ट ने सजा सुनाई है। कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ वह हाईकोर्ट में अपील करेंगे। बिटिया पक्ष भी हाईकोर्ट में जाने की तैयारी कर रहा है। बिटिया पक्ष के अधिवक्ता महीपाल सिंह निमहोत्रा का कहना है कि वह आदेश का अध्ययन कर रहे हैं। जल्द ही इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।