संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
शुक्रवार (आज) देव प्रबोधिनी एकादशी है, जिसे देवोत्थान एकादशी भी कहते हैं। शुक्रवार से देव जाग जाएंगे। विधि विधान से लोग पूजा अर्चना करेंगे। देवोत्थान मनाने की प्रथा पौराणिक काल से ही चली आ रही है। लोग बुद्धि, शांति, संपत्ति आदि की प्राप्ति के लिए उपवास रखकर भगवान विष्णु की उपासना करते हैं।
इस दिन का उपवास व्यक्ति को समस्त दुखों से मुक्त कर देता है। इसके लिए घर- घर शालिग्राम तथा तुलसी पाठ की तैयारियां भी चल रही हैं। घरों में रंगोली आदि सजाकर देवों को उठाया जाएगा। शालिग्राम व तुलसी विवाह का भी आयोजन होगा।
इस दिन तुलसी पृथ्वी से बैकुंठ लोक को चली जाती हैं। भगवान विष्णु को गन्ना सहित तमाम फल, सब्जी आदि का भोग लगाया जाता है। इसलिए बाजार में गन्ना की बिक्री भी शुरू हो गई। महंगाई का भी असर गन्ना खरीद पर दिखाई दे रहा है।
भगवान का श्यन चार नवम्बर को खत्म हो जएगा। हालांकि इसके बाद शुभ कार्य नहीं होगे। क्योंकि शुक्र देव अस्त हैं। 25 नवंबर से मांगलिक कार्य शुरू होंगे। इस बार लग्न कम हैं। शुक्र अस्त होने के चलते गिने चुने लग्न मिल रहे हैं। पंद्रह नवंबर को खरमास लग जाएगा। जिससे पहले 11 शुभ लग्न मिल रहे हैं। नवंबर में 25, 26, 27, 28, 30 का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। दिसंबर में दो, तीन, सात, आठ, 11 व 14 दिसंबर है।
- आचार्य बल्लभ महाराज
कम सहालग और किसानों की फसल प्रभावित होने का असर है सीजन पर
देवोत्थान एकादशी के सहालग की शुरुआत हो रही है। कुछ कारोबारियों का कहना है कि इस बार सीजन में सहालग कम हैं। ऐसे में बाजार में ज्यादा चहल-पहल नहीं हैं। किसानों की फसल बारिश से प्रभावित हुई है। इसका असर भी सहालग के सीजन पर है।
पिछले दो सालों में कोरोना के चलते कामकाज पटरी पर नहीं लौट पाया। इस बार सहालग कम होने के चलते दिक्कत खड़ी हो रही है। चार नवंबर के बाद 25 नवंबर को शादियां हैं। लगातार सहालग होने से बाजार भी अच्छा रहता है। इस बार बाजार में चहल पहल कम है। सहालग बाजार की चेन होती है। जिससे कारोबार चलता है।
- नगेंद्र पाठक, गेस्ट हाउस संचालक।
बेमौसम हुई बारिश से किसान के पास पैसे की कमी हो गई है। हाथरस का बाजार किसान पर निर्भर रहता है। सहालग को लेकर इस बार नायरा, सरारा, प्लाजो आदि फैंसी डिजायन के सूट आए हैं। सहालग वाले लोगों द्वारा खरीदारी की जा रही है। इस बार सहालग कम होने से कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
- बृजबिहारी अग्रवाल, रेडीमेड गारमेंट्स कारोबारी।