बीएसए कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक यानि बाबू के खिलाफ जाते-जाते तत्कालीन बीएसए निलंबन की कार्रवाई कर गए। बाबू पर विभागीय कार्यों को जान बूझकर अटकाने सहित अन्य कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
बीएसए कार्यालय में तैनात बाबू अमरनाथ के खिलाफ भ्रष्टाचार और उनके द्वारा अब तक किये गये विभिन्न अनियमित कृत्यों का आरोप लगाते हुए मुथरा के पोस्ट राया महावन में पीरीगढ़ी निवसी श्रीप्रकाश सिंह पुत्र भूदेव सिंह ने डीएम से शिकायत की थी। आरोप है कि अमरनाथ की नियुक्ति कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी, नगर क्षेत्र हाथरस होते हुए भी जिला कार्यालयों में संबद्धीकरण/स्थानान्तरण और जिला मुख्यालय पर रहकर कई अनियमित कार्य कर रहे थे। इसके अलावा बीएसए के नियंत्रणाधीन अनुदानित निजी विद्यालयों (संबद्घ प्राइमरी) में भी धांधली में लिप्त हैं।
प्रभारी बीएसए हरीकिशोर ने बताया कि शिकायत मिलने पर कार्यालय की समीक्षा में पता चला कि आरोपी अमरनाथ विभागीय कार्यों को जानबूझकर लंबित रखते थे। साथ ही राजनैतिक दबाव बनाकर शिकायत आख्याओं में तथ्यों को छिपाकर तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करने का भी आरोप है। इन सभी आरोपों को लेकर तत्कालीन बीएसए संदीप कुमार जाते-जाते अमरनाथ के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर गए।
आरापों की जांच के लिए एबीएसए सिकंदराराऊ उदित कुमार एवं एबीएसए मुरसान गिर्राज सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि में अमरनाथ को बीईओ सिकंदराराऊ कार्यालय से संबद्घ किया गया है। प्रभारी बीएसए हरीकिशोर ने बताया कि आरोपी अमरनाथ के खिलाफ तत्कालीन बीएसए द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई।