स्थानीय न्यायालय ने एक मामले में दिवंगत पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के निजी सचिव रहे रानू पंडित के खिलाफ गिरफ्तारी अधिपत्र जारी किया है। न्यायालय ने अभियुक्त को गिरफ्तार करने के लिए गिरफ्तारी अधिपत्र के साथ एसपी हाथरस को पत्र भेजने के साथ उसकी प्रतिलिपि डीजीपी को भी प्रेषित किए जाने के आदेश जारी किए हैं। निजी सचिव रानू पंडित उर्फ़ प्रवेश भारद्वाज पर एक पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य को जातिसूचक गालियां देने और अपहरण का प्रयास करने का आरोप है। न्यायालय में इस मामले में 21 नवंबर की तिथि नियत है।
वीरेंद्र कुमार निवासी गंभीर पट्टी बिसाना थाना चंदपा ने आरोप लगाया था कि एक सितंबर 2019 को रामवीर उपाध्याय, उनके निजी सचिव रानू पंडित व छह-सात अन्य लोगों ने उसे जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से उसका अपहरण करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के चलते यह लोग सफल नहीं हो सके। न्यायालय ने रामवीर उपाध्याय व उनके पीए रानू पंडित को आईपीसी की धारा 365 व एससी-एसटी एक्ट में जरिए सम्मन तलब किया था।
इस मामले में पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की मृत्यु हो जाने की वजह से उनके विरुद्ध कार्यवाही उपशमित की गई। इस प्रकरण में वादी वीरेंद्र कुमार की ओर से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया, जिसमें अभियुक्त की गिरफ्तारी व कुर्की किए जाने की याचना की गई। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट राम प्रताप सिंह के न्यायालय ने सुनवाई करते हुए इस मामले में अभियुक्त रानू पंडित उर्फ प्रवेश भारद्वाज की गिरफ्तारी के लिए गिरफ्तारी अधिपत्र जारी किए हैं।